|
पटरी से उतरा सपा-कांग्रेस का गठजोड़
Mar 06,2009 00:00
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस द्वारा 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए सपा ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह उसके लिए राज्य की 80 सीटों में से 17 सीटों से ज्यादा नहीं छोड़ पाएगी। दोनों पार्टियों के बीच तल्खी का आलम आज अपने चरम पर दिखाई दिया और पार्टी महासचिव अमर सिंह ने उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के दावों की जमकर खिल्ली उड़ाई। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस की मांग नाजायज है और सपा ने प्रदर्शन के आधार पर उसके लिए ही सीटें तय की है। कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने मखौल उड़ाते हुए कहा कि हम कांग्रेस की मजबूरी समझते हैं। वह बहुत बड़ा राष्ट्रीय दल है। उसके उत्तरप्रदेश में बड़े-बड़े कद्दावर नेता है, जिन्हें इस पार्टी को एडजस्ट करना है। अपने निशाने को और तेज करते हुए सपा महासचिव ने कहा कि हाल ही में भदोही के विधानसभा चुनाव में भी उसने सातवें स्थान पर आते हुए दो हजार वोट लेकर शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों पार्टियां कल तक एक-दूसरे के प्रति नरम नजर आ रही थीं, लेकिन सिंह के आज के बयानों से जाहिर है कि तालमेल सिरे नहीं चढ़ रहा है। सपा कांग्रेस के लिए सिर्फ दो सीटों की रियायत ही देने को तैयार है। सपा महासचिव ने कहा कि उनकी पार्टी सोनिया गांधी के निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली और राहुल गांधी की सीट अमेठी में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी। सिंह की इस टिप्पणी से लगता है कि सपा ने चुनाव के बाद सरकार बनाए जाने की स्थिति में कांग्रेस के साथ तालमेल का रास्ता बनाए रखा है। सपा 62 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है और बातचीत के कई दौर विफल होने के बाद कांग्रेस भी 24 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। |