चीन ताइवान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार है।
Mar 05,2009 00:00
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका देश ताइवान के साथ दुश्मनी समाप्त करके दोस्ती का हाथ बढ़ाने को तैयार है।

वेन ने संसद के वार्षिक सत्र के पहले दिन पेश अपनी कार्य रिपोर्ट में कहा है कि चीन ताइवान के साथ दुश्मनी को समाप्त करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम एक चीन सिद्धांत के तहत द्विपक्षीय राजनीतिक संबंधों को विस्तार देना चाहत हैं। इसके साथ ही हम राजनीतिक और सैन्य मुद्दों पर बात करने तथा ताइवान जल डमरूमध्य के दोनों ओर वैमनस्य समाप्त करने के लिए शांति समझौता करने को तैयार हैं। हालांकि, चीनी प्रधानमंत्री ने राजनीतिक और सैन्य मुद्दों पर बात का अधिक खुलासा नहीं किया लेकिन इसमें सेनाओं के बीच विश्वास बहाली जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

चीन वर्ष 1949 से ही स्वशासित ताइवान पर अपना दावा करता आया है जब गृहयुद्ध में हार के बाद राष्ट्रवादी ताकतों ने इस द्वीप पर अपनी सत्ता कायम कर ली थी। ताइवान को अपने साथ मिलाने के लिए चीन ताकत के इस्तेमाल की धमकी भी देता रहा है। लेकिन गत मई में ताइवान में चीन समर्थक मा यिंग जियू के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों पक्षों के संबंधों में गर्माहट आई है। वैश्विक आर्थिक मंदी ने भी दोनों को संबंध सुधारने की दिशा में आगे बढने पर बडी भूमिका निभाई है। चीन ताइवान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।