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राष्ट्रीय सुरक्षा मंदी और बेरोजगारी से भी बड़ा मुद्दा : आडवाणी
Mar 01,2009 00:00
बेंगलूर। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कई इलाकों का दौरा किया। इस तूफानी दौरे में आडवाणी ने एक तरफ चुनावी वादे किए तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर संप्रग सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने यहां तक कहा कि आज राष्ट्रीय सुरक्षा मंदी और बेरोजगारी से भी बड़ा मुद्दा है। अमेरिका और इजरायल जैसा हो रुख बेंगलूर में एक कार्यक्रम के दौरान आडवाणी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा आज भारत के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। भारत को भी अमेरिका और इजरायल की तरह आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा। उन्होंने संप्रग पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से अभी तक संसद हमले के मास्टरमाइंड को फांसी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से फांसी मिलने के बाद भी उस पर अमल नहीं हुआ। सिर्फ इसलिए कि उसका नाम अफजल गुरु है। अगर उसका नाम आनंद सिंह होता तो अब तक फांसी दी जा चुकी होती।' उन्होंने कहा कि पोटा को हटाने वाली संप्रग सरकार ने अब आतंकवाद से निपटने के लिए नया कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर संप्रग सरकार ऐसे ही यू-टर्न लेती रही है। किसानों से चुनावी वादा अपने चुनावी दौरे में संप्रग सरकार पर निशाना साधने के साथ ही आडवाणी ने कुछ चुनावी वादे भी किए। आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में एक रैली के दौरान आडवाणी ने कहा कि राजग की सरकार बनी तो छोटे किसानों के लिए इनकम गारंटी स्कीम लागू की जाएगी और वृद्ध किसानों के लिए पेंशन योजना भी शुरू की जाएगी। 'विजय संकल्प रैली' के तहत आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलती है तो वृद्ध किसानों के लिए भी यह सुविधा होनी चाहिए। पब मामले पर कोई समझौता नहीं मंगलौर के पब में लड़कियों पर हुए हमले के मामले में आडवाणी ने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई भी हमला भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। इस मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बेंगलूर में कहा कि अगर किसी को पब में लड़कियों के आने पर एतराज है तो इसका अर्थ यह नहीं कि वह लड़कियों पर हमला करेगा। बेंगलूर प्रवास के दौरान आडवाणी ने हाल ही में आस्कर पुरस्कार जीतने वाले संगीतकार ए आर रहमान को फोन पर बधाई भी दी। आपातकाल था देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती बेंगलूर। आपातकाल के दौरान जेल में बिताए दिनों को याद करते हुए भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने शनिवार को कहा कि आपातकाल देश के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती था। बेंगलूर में [फ्रीडम पार्क] का उद्घाटन करते हुए आडवाणी ने यह बात कही। फ्रीडम पार्क आपातकाल के दौर में सेंट्रल जेल था, जहां आडवाणी ने भी 19 महीने बिताए थे। उन दिनों को याद करते हुए आडवाणी ने बताया कि 19 महीने के बाद उन्हें रोहतक जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन 19 महीनों को भुलाना मेरे लिए असंभव है। उन्होंने इस पुरानी जेल के दौरे को अपने जीवन का अभूतपूर्व क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्हें कराची में अपने पुराने घर और स्कूल को देखकर महसूस हुआ था। |