अमेरिका राहत दे सकता है तालिबान को
Jul 15,2010 00:00
संयुक्त राष्ट्र की काली सूची से दस तालिबान कमांडरों का नाम हटाने की अफगानिस्तान की अपील पर अमेरिका ने सकारात्मक रुख अपनाया है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि वह इस पर विचार करेगा।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने संयुक्त राष्ट्र से आतंकी संगठन अल कायदा और तालिबान के दस कमांडरों का नाम काली सूची से हटाने का आग्रह किया था। उनके मुताबिक युद्धग्रस्त देश में मेलमिलाप और बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह बहुत जरूरी है। सूची से इन आतंकियों का नाम हटाने के लिए राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों की आम सहमति जरूरी है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अमेरिका के विशेष राजदूत रिचर्ड होलब्रूक ने कहा, 'पूर्ववर्ती अमेरिकी प्रशासन सूची में किसी बदलाव के खिलाफ था।' उन्होंने बताया, ओबामा प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में इस नीति की पुनर्समीक्षा शुरू की थी और मामले के आधार पर फैसला लेने का निर्णय किया था।

होलब्रुक ने कहा, 'राष्ट्रपति करजई चाहते हैं कि उनके नाम सूची से हटा दिया जाए। हम इससे सहमत हैं। लेकिन आंख मूंद कर हम सूची से नाम नहीं हटाना चाहेंगे। इनमें कई आंतकियों से अमेरिका की सुरक्षा को काफी खतरा है।इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मारे जा चुके हैं। जबकि कुछ मेल मिलाप के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।'

हक्कानी नेटवर्क को काली सूची में डालने की मांग

वाशिंगटन। अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के नए कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस अल कायदा से संबंध रखने वाले हक्कानी नेटवर्क को आतंकी संगठनों की सूची में डालने के लिए दबाव डाल रहे हैं। इस कदम से पाकिस्तानी सेना को करारा झटका लग सकता है, जो इस संगठन को अफगानिस्तान कीमेलमिलाप नीति में शामिल करना चाहता है।

जनरल पेट्रियस ने इस मुद्दे को पिछले हफ्ते अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शीर्ष सलाहकारों के समक्ष उठाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा, 'इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।' हक्कानी नेटवर्क के पास करीब दो हजार सशस्त्र लड़ाके हैं। अमेरिका में इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार मांग उठ रही है। पाकिस्तान पर यह भी आरोप लग रहा है कि वह अफगान तालिबान के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं कर रहा। अमेरिका के दो प्रभावशाली सीनेटरों ने इस्लामाबाद को भविष्य में अमेरिका या यूरोप पर आतंकी हमले के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की यात्रा से लौटे डेमोक्रेटिक सांसद कार्ल लेविन और जैक रीड ने हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकी घोषित करने की मांग की है।