जीत के साथ जापान भी अगले दौर में पहुंचा
Jun 25,2010 00:00

रुस्टेनबर्ग। केईसुक होंडा और याशुहिता इंडो के फ्री किक पर दागे गोलों की मदद से जापान फीफा विश्व कप के ग्रुप-ई के अहम मैच में डेनमार्क को 3-1 से हराकर प्रतियोगिता से बाहर करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहा। दक्षिण कोरिया के बाद नाक आउट दौर में पहुंचने वाले जापान दूसरी एशियाई टीम है।

विजयी टीम की ओर से होंडा [17वें मिनट], इंडो [30वें मिनट] और शिंजी ओकाजाकी [87वें मिनट] ने गोल दागे जबकि डेनमार्क की ओर से मैच का एकमात्र गोल जान डाहल टोमासन [81वें मिनट] ने किया। एशियाई दिग्गज इस जीत के साथ तीन मैचों में दो जीत और एक हार से छह अंक के साथ प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा और अब क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए 29 जून को ग्रुप-एफ की चोटी की टीम पराग्वे से भिड़ेगा। इस ग्रुप से नीदरलैंडस चोटी पर रहा जिसने एक अन्य मैच में केपटाउन में कैमरून को 2-1 से हराया। दूसरी तरफ डेनमार्क तीन मैचों में एक जीत और दो हार से तीन अंक ही जुटा सका जो उसे अंतिम 16 में जगह दिलाने के लिए नाकाफी थे।

दोनों टीमों ने मैच के शुरुआत में ही काफी अच्छे मूव बनाए। डेनमार्क को शुरुआती मौका मिला लेकिन साइमन पोलसन के क्रास को टोमासन अपने कब्जे में लेने में असफल रहे। जापान ने इसके बाद पलटवार करते हुए लगातार दो मौके बनाए लेकिन गोल के करीब से लगाए होंडा के शाट को गोलकीपर थामस सोरेनसन ने नाकाम कर दिया जबकि कप्तान माकोटो हसीबी का शाट गोलपोस्ट के बगल से निकल गया। जापान को 17वें मिनट में फ्री किक मिली, जिस पर होंडा ने दर्शनीय गोल दागकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डी के काफी बाहर से होंडा दनदनाता शाट गोलकीपर और सभी डिफेंडरों को चीरता हुआ सीधे नेट में चला गया। 30वें मिनट में जापान को फिर से फ्री किक मिली। इस बार बारी एंडो की थी। उन्होंने 27 मीटर की दूरी से गोलकीपर को छकाते हुए सीधे गोल कर डाला।

इंडो ने इसके बाद 30वें मिनट में फ्री किक पर एक और गोल दागकर जापान की बढ़त को दोगुना कर दिया। इंडो ने इस बार गेंद को दाई छोर से गोल के अंदर पहुंचाया जबकि सोरेनसन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के बाद भी गेंद तक नहीं पहुंच पाए। डेनमार्क ने जापान के खिलाफ अपने खिलाड़ियों की अधिक लंबाई को हथियार बनाने की कोशिश की लेकिन एशियाई टीम ने अपनी तेजी से उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मध्यांतर तक जापान की टीम 2-0 से आगे थी।