फिर जाएंगे राज्यसभा गिल व अश्विनी
Mar 16,2010 00:00
पंजाब से राज्यसभा में कांग्रेस का अब कोई दलित प्रतिनिधि नहीं होगा। कांग्रेस आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री एमएस गिल और अश्विनी कुमार को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। इस तरह अभी तक राज्यसभा में पंजाब से दलित चेहरा रहे डीपी सब्बरवाल को दोबारा सदन भेजने की गुंजायश खत्म हो गई है।

गिल और अश्विनी कुमार के चयन के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष मोहिंदर सिंह केपी पद पर बने रह सकते हैं। मोहिंदर सिंह भी अनुसूचित जाति से आते हैं। कांग्रेस के सूत्रों के मानना है कि चूंकि, सब्बरवाल के बाद राज्यसभा में कोई दलित चेहरा नहीं बचेगा, लिहाजा पार्टी अब मोहिंदर सिंह को शायद ही हटाने का खतरा ले। उनका मानना है कि अगर ऐसा होता है दलितों में गलत संदेश जा सकता है।

सूत्र बताते हैं कि गिल का नाम तो मंत्री होने की वजह से तय था, लेकिन अश्विनी कुमार को दोबारा भेजे जाने पर कयास लग रहे थे। प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की पसंद होने के चलते अश्विनी कुमार दोबारा राज्यसभा के लिए चुने गए हैं।