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पाक हाकी के सीनियर खिलाडि़यों पर बरसे हसन
Mar 12,2010 00:00
विश्व कप में सबसे बदतर प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय हाकी को अलविदा कहने के पाकिस्तानी टीम के फैसले को 'जल्दबाजी' बताते हुए चयन समिति के प्रमुख रहे हसन सरदार ने कहा कि चार सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करके नई टीम का गठन किया जाना चाहिए। विश्व कप के प्लेऑफ मैच में कनाडा जैसी कमजोर टीम से हारकर 12वें स्थान पर रही पाकिस्तानी टीम के सभी 18 खिलाड़ियों ने इस्तीफा पाकिस्तान हाकी महासंघ को भेज दिया है। पाकिस्तान की 1978 और 1982 विश्व कप जीत के नायक रहे सरदार की अध्यक्षता वाली चयन समिति को भी पीएचएफ ने बर्खास्त कर दिया। सरदार ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह फैसला खिलाड़ियों ने जल्दबाजी में लिया है क्योंकि वे बहुत दुखी हैं। इसमें कोई शक नहीं कि पाकिस्तानी हाकी टीम का यह अब तक का सबसे बदतर प्रदर्शन है लेकिन दुनिया यहीं खत्म नहीं होती।' उन्होंने कहा, 'खिलाड़ी उतने बुरे भी नहीं है जितना नतीजे कहते हैं। लेकिन जिन खिलाड़ियों पर हमें ज्यादा भरोसा था, उन्होंने बुरी तरह मायूस किया। इनमें सलमान अकबर [गोलकीपर], सोहेल अब्बास, वसीम अहमद और रेहान बट शामिल हैं। इन्हें टीम से बाहर करके नई टीम का गठन किया जाना चाहिए जो राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाड में भाग लेने लायक हो।' यह पूछने पर कि चयन समिति ने इन खिलाड़ियों पर भरोसा ही क्यों किया तो सरदार ने कहा, 'इस टूर्नामेंट से पहले इनका प्रदर्शन इतना बुरा नहीं था।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने विश्व कप से पहले इंग्लैंड और भारत को हराया था और हालैंड से ड्रा खेला था। हमारी नजर में टीम इतनी खराब नहीं थी। लेकिन इन चारों खिलाड़ियों ने बहुत खराब खेला जिसका असर पूरी टीम पर पड़ा। इसके अलावा भारत से पहले मैच में हार ने मनोबल शुरुआत में ही तोड़ दिया।' सरदार ने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के मैचों में हमेशा अच्छी हाकी देखने को मिलती है लेकिन जिस तरह टीम 4-1 से हारी, उसी से इसका मनोबल टूट गया। हम दर्शक दीर्घा में मौजूद थे और पाकिस्तानी हाकी के सुनहरे दौर के साक्षी होने के कारण ऐसा बदतर प्रदर्शन हमसे देखा नहीं गया।' सरदार ने परोक्ष रूप से खिलाड़ियों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा, 'मैदान के भीतर तो प्रदर्शन अनुशासनहीन था ही लेकिन लगता है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल भी कुछ ठीक नहीं था। खिलाड़ी कितने अनुशासित थे, यह तो टीम प्रबंधन की रिपोर्ट से ही पता चलेगा। लेकिन कहीं कुछ गड़बड़ जरूर थी।' पिछले साल के आखिर में अर्जेटीना के साल्टा में टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों और अधिकारियों को गैर इस्लामिक आचरण के आरोप में जुर्माना भरना पड़ा था। |