वित्ता मंत्री के अधिकार बढ़ेंगे
Nov 08,2009 00:00
अगर सरकार औद्योगिक नीति व संव‌र्द्धन विभाग [डीआईआईपी] का एक सुझाव मान ले तो वित्ता मंत्री के अधिकार बढ़ जाएंगे। इस सुझाव के मुताबिक वित्ता मंत्री 1200 करोड़ रुपये तक के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश [एफडीआई] के प्रस्तावों को मंजूरी दे सकेंगे। डीआईआईपी ने एफडीआई प्रस्तावों की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के मकसद से यह सुझाव दिया है।

फिलहाल विदेशी निवेश संव‌र्द्धन बोर्ड [एफआईपीबी] के मार्ग से आने वाले 600 करोड़ रुपये से ज्यादा के एफडीआई प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की आर्थिक समिति [सीसीईए] के पास भेजा जाता है। यह सीमा वर्ष 1996 से लागू है। डीआईपीपी के एक कैबिनेट नोट के अनुसार चूंकि अब मुद्रा का मूल्य काफी घट चुका है, इसलिए इस सीमा को बढ़ाने की जरूरत है। विभाग का तर्क है कि इस प्रस्ताव से एफआईपीबी ज्यादा क्षमता से काम कर सकेगा। साथ ही विदेशी कंपनियों के लिए भी नियामक अड़चनें कम होंगी और देश में विदेशी निवेश में इजाफा होगा।