सरकार मुझे मारने की साजिश रच रही है
Mar 12,2009 00:00
 पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने बृहस्पतिवार को देशभर में पीएमएल एन के समर्थन से निकाली जा रही रैलियों के खिलाफ जहां अपना दमनचक्र शुरू कर दिया है वहीं पाकिस्तान के शीर्ष विपक्षी नेता नवाज शरीफ ने आरोप लगाया है कि सरकार उन्हें जान से मारने की साजिश रच रही है।

तीखे तेवर अपना रहे पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ और सरकार के बीच टकराव टलता नजर नहीं आ रहा है और इसी के चलते पाकिस्तान राजनीतिक अराजकता के कगार पर पहुंच गया दिखता है। सरकार ने आज की पूर्व निर्धारित 'लांग मार्च' से पूर्व विपक्षी कार्यकर्ताओं और वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरूआत कर दी जो पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ द्वारा बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आज पाकिस्तान की संसद की ओर आगे बढ़ने का संकल्प किया है।

सरकार ने शरीफ पर राजद्रोह लगाने की चेतावनी दी है, जबकि उन्होंने कहा है कि उनके निजी सूत्रों से पुख्ता सूचना मिली है कि कुछ शक्तियां उनके खिलाफ सक्रिय हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारियों से मेरे जीवन पर खतरा है, मेरे सूत्रों के अनुसार ए सरकार के शीर्षस्थ अधिकारी हैं। उनके हवाले से गार्डियन अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, 'खतरा है। जोखिम के कारण मैं अपने मिशन को नहीं छोडूंगा। यह नेक कारणों के लिए है। एक ऐसा मिशन है, जिसका उद्देश्य देश के लोकतंत्र को फिर से पटरी पर लाना है।'

पाकिस्तान सरकार ने संकेत दिया है कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ लेकर आतंकवादी देश में कानून और व्यवस्था के समक्ष समस्या खड़ी कर सकते हैं। देश पहले ही तालिबान और इस्लामी चरमपंथियों से जूझ रहा है। शरीफ और उनके भाई शाहवाज के चुनाव लड़ने को प्रतिबंधित करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शुरू हुआ राजनैतिक संकट 'लांग मार्च' से पूर्व सैकड़ों विपक्षी कार्यकर्ताओं तथा वकीलों की गिरफ्तारी के सरकारी आदेश से और गहरा गया है।

वर्ष 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा बर्खास्त किए गए उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इफ्तखार चौधरी को वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पद पर बहाल करने से इनकार कर दिया है। जरदारी के सहयोगियों का आरोप है कि चौधरी मुद्दे का बहुत अधिक राजनीतिकरण हो चुका है और शरीफ केवल इस मुद्दे का फायदा उठा रहे हैं।

नवाज शरीफ के 'लांग मार्च' के आह्वान पर प्रतिबंध का उल्लंघन कर एकत्र हुए राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तथा उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पीएमएल [एन] प्रमुख नवाज शरीफ ने अपने और अपने भाई के चुनाव लड़ने पर लगी रोक के खिलाफ तथा सरकार को बर्खास्त न्यायाधीशों की बहाली के लिए विवश करने के उद्देश्य से इस्लामाबाद तक 'लांग मार्च' का आह्वान किया है।

सिंध हाईकोर्ट के बाहर जैसे ही नारेबाजी करती भीड़ जुटनी शुरू हुई पुलिस ने उसे तितर बितर करने के लिए लाठियां भांजी और पुलिसकर्मी बहुत से वकीलों को वाहनों में ठूंस कर अपने साथ ले गए। लाहौर में शरीफ ने कहा कि सरकार उन्हें मारने की योजना बना रही है लेकिन वह पाकिस्तान को लोकतंत्र की पटरी पर वापस लाने से पीछे नहीं हटेंगे। यहां जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनमें जमात ए इस्लामी के उपाध्यक्ष गफूर अहमद तथा स्थानीय बार एसोसिएशन के नेता अथर मिनल्लाह शामिल हैं। मार्च को असफल करने के उद्देश्य से दर्जनों राजनीतिक नेताओं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों की धरपकड़ के लिए अधिकारी रातभर छापेमारी करते रहे।

लांग मार्च के आयोजकों का मानना है कि हजारों वकील, विपक्षी समर्थक और नागरिक कार्यकर्ता चार दिन में 1500 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद तक जाने वाले इस काफिले में शामिल होंगे, जिसे सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी पहुंचना है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश सहित उन सभी न्यायाधीशों को बहाल करने के अपने वायदे को पूरा करें, जिन्हें 2007 में पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने बर्खास्त कर दिया था।

विरोध प्रदर्शन में कराची बार एसोसिएशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पुलिस ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारियों की चेतावनी दे रखी थी, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों वकीलों ने पाक सरकार के प्रतिबंधों का उल्लंघन किया। 'लांग मार्च' में हजारों वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता, पीएमएल एन, जमात ए इस्लामी और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ जैसे विपक्षी दलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

सिंध और बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों से प्रदर्शनकारी लांग मार्च में शामिल होंगे जो काफिलों में पीएमएल एन के गढ़ पंजाब प्रांत की ओर बढ़ रहे हैं। पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों के प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद की ओर कूच करने से पहले पंजाब में एकत्र होंगे। यह मार्च इस्लामाबाद में खत्म होगा जहां प्रदर्शनकारी संसद के बाहर धरना देंगे।

हालांकि मंगलवार की रात से अब तक लगभग 500 वकील, मानवाधिकार और राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन नवाज शरीफ ने लोगों से प्रतिबंधों का उल्लंघन कर 'लांग मार्च' में शामिल होने का आह्वान किया है।