इंडियन प्रीमियर लीग [आईपीएल] के आयोजकों के तेवर ढीले करने के बाद गृह मंत्रालय का रुख भी नरम है। चुनाव के दौरान आईपीएल द्वारा कार्यक्रम बदलने को राजी होने के बाद गृह मंत्रालय भी गंभीरता के साथ मैचों के दौरान सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है। 800 करोड़ रुपये के इस खेल को चुनाव के दौरान ही समायोजित करने और पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम के लिए गृहमंत्री पी.चिदंबरम ने अपने सिपहसालारों को लगा दिया है। दूसरी ओर मुंबई से एजेंसी की खबरों के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में आईपीएल मैचों के दौरान पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र के गृहराज्य मंत्री नसीम खान ने कहा है कि प्रदेश में आईपीएल के मैचों के दौरान हर संभव सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
मतदान और मतगणना वाले दिन मैच नहीं होंगे, यह वादा तो पहले ही लिखित रूप से आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी कर चुके थे। अब उस कार्यक्रम में थोड़ा और संशोधन हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि अब आईपीएल से दर्शकों को वंचित नहीं होना पड़ेगा। गृह मंत्रालय सुरक्षा कारणों से तो चिंतित था ही, पर आईपीएल आयोजकों की अकड़ भी उसे फूटी आंख नहीं भा आ रही थी। खासतौर से ललित मोदी का यह बयान मंत्रालय को अखर रहा था कि 'क्रिकेट मैचों की सुरक्षा राज्यों का विषय है और अर्द्धसैनिक बलों की उसमें भूमिका नहीं होती।'
मोदी की अकड़ तोड़ने के लिए ही गृह मंत्रालय ने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट मंगा ली। मौजूदा हालात में कोई भी राज्य बिना अर्द्धसैनिक बलों के सुरक्षा की गारंटी देने की स्थिति में नहीं था। राज्यों का रुख और गृह मंत्रालय के तेवर देखने के बाद आईपीएल आयोजक झुके तो सरकार भी थोड़ा नरम पड़ी। हैदराबाद में चिदंबरम और मुंबई में मोदी के बयानों से आईपीएल पर मंडराता खतरा समाप्त होने के संकेत मिल गए हैं।
नार्थ ब्लाक के सूत्रों के मुताबिक, इस बार मैचों के दौरान जरूरत समझने पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।