बु्रसेल्स। यूरोपीय संघ के संसदीय चुनावों के मतदान में इस बार रिकार्ड गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2004 के संसदीय चुनावों की तुलना में इस बार केवल 43 फीसदी मत पड़े। जोकि 30 वर्ष पहले शुरू हुए सीधे चुनाव के तहत यह अब तक का सबसे कम मतदान प्रतिशत है।
इन चुनावों में सोशलिस्टों के ऊपर कंजर्वेटिव पार्टियों ने बढ़त बना ली है। गौर हो कि इन चुनावों में ब्रिटेन की लेबर पार्टी, जर्मनी के सोशल डेमोक्रेट्स और फ्रांस की सोशलिस्ट पार्टी ऐतिहासिक हार की ओर अग्रसर है। ऐसा दिख रहा है कि मध्य दक्षिणपंथी यूरोपीय पीपुल्स पार्टी [ईपीपी] संसद में सबसे ताकतवर पार्टी के रूप में अपनी सत्त्ता शक्ति को बरकरार रखेगी।
पिछले तीस वर्षो के दौरान हुए चुनावों में सबसे अधिक मत प्रतिशत 1979 में 62 फीसदी रहा। जोकि बाद के चुनावों में निरंतर घटता ही चला गया। 1984 में 59 फीसदी, 1989 में 58 फीसदी, 1994 में 57 फीसदी, 1999 में 50 फीसदी, 2004 में 45 फीसदी जबकि 2009 में सबसे कम 43 फीसदी रहा।
ईपीपी की संभावित सफलता को देखते हुए यूरोपियन आयोग के प्रेसीडेंट के तौर पर दूसरी बार भी जोजे मैनुएल बरोजो का आसीन होना निश्चित दिख रहा है। बरोजो ने मतदाताओं का धन्यवाद किया है और कहा है कि उनकी आवाज जरूर सुनी जाएगी। उन्होंने कहा है कि नतीजे उन पार्टियों और उम्मीदवारों की जीत है जो यूरोपीय परियोजना का समर्थन करते हैं और जो ये समझते हैं कि यूरोपीय संघ की नीतियों में उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाता है।
दूसरी ओर सोशलिस्ट नेता मार्चिन शुल्ज का कहना है कि उनके ग्रुप की हार की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूरोप में सामाजिक लोकतंत्र के लिए दुखद शाम है। खासकर हम बहुत निराश हैं और ये हमारे लिए कड़वी शाम है।
गौरतलब है कि यूरोप के वामपंथी विश्वव्यापी मंदी का फायदा उठाने में विफल रहे। पहले आधिकारिक अनुमानों में इस संबंध में जानकारी दी गई है। 2004 में 45.47 फीसदी मत पड़े थे। वर्ष 1979 में पहले संसदीय चुनावों में लगभग 62 फीसदी मत पड़े थे, तब से लेकर मतदान में गिरावट की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
संसदीय प्रवक्ता ने बताया कि लगभग 57 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। यूरोपीय संघ के 27 सदस्य राष्ट्रों में मतदाताओं ने वोट डाले। ब्रिटेन, स्पेन और पुर्तगाल में सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टियों को मतदाताओं ने धूल चटा दी है, जबकि जर्मनी और फ्रांस में विपक्षी वामपंथियों को गंभीर नुकसान झेलना पड़ा।
इस बीच, एक अन्य रिपोर्ट व आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, मध्य दक्षिणपंथी यूरोपीय पीपुल्स पार्टी 267-271 सीटें प्राप्त कर 736 सीटों की संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। सोशलिस्ट पार्टियों को 157-161 सीटें मिली हैं।
यूरोपीय पीपुल्स पार्टी की सीटें भी पिछली बार मिली सीटों के लगभग बराबर है, जबकि ब्रिटेन अैार चेक के कंजर्वेटिव इस समूह का साथ छोड़ चुके हैं।
विश्व के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय संगठन चुनाव के लिए रविवार को संपन्न हुए मतदान में लगभग 38 करोड़ 80 लाख मतदाताओं को मत देने का अधिकार प्राप्त था। चार दिनों में मतदान संपन्न हुआ। यहां पांच वर्षो के कार्यकाल के लिए यूरोपीय संघ संसद के 736 सांसद सीधे चुने जाएंगे।
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार लिबरल डेमोक्रेटों को 80-82 सीटें प्राप्त हुई हैं। वे तीसरे स्थान पर हैं और ग्रीन पार्टी 53 सीटों के साथ चौथे स्थान पर है।