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कहा से आएंगे डाक्टर एम्स के लिए

on मार्च 05,2009

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. अंबुमणि रामदास ने शनिवार को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना के तहत अमृतसर के सरकारी मेडिकल कालेज को एम्स के स्तर का बनाए जाने के लिए दो नई इमारतों का नींवपत्थर रख कर पंजाब सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अस्पताल चलाने के लिए इमारतों की नहीं डाक्टरों की आवश्यकता होती है और पहले से ही मेडिकल कालेजों मे सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की कमी है। केंद्र की ओर से मेडिकल कालेज को आल इंडिया इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साइंसिज के स्तर का बनाया जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मेडिकल कालेज में बेबे नानकी मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर तथा गुरु तेग बहादुर डायग्नोस्टिक ब्लाक आफ सुपर स्पेशलिटी की इमारतों का नींवपत्थर रखा जा चुका है। इन इमारतों के निर्माण तथा उपकरणों पर प्रधानमंत्री स्वास्थ सेवा योजना के तहत 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। यहां पर कई सुपर स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जाने की योजना है। इसमें पल्मरनरी मेडिसन, गेस्ट्रोटोलोजी, नेफ्रोलोजी, सेल्यूलर पैथालोजी, न्यूक्लियर मेडिसन आदि शामिल हैं। लेकिन इन विभागों को चलाने के लिए सुपर स्पेशलिटी डाक्टरों की आवश्यकता है और सुपर स्पेशिलिस्ट डाक्टरों की भर्ती पंजाब सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी। क्योंकि सुपर स्पेशलिटी डाक्टरों की पहले से ही कमी है। गुरु नानक देव अस्पताल में अभी छह सुपर स्पेशलिटी विभाग चल रहे हैं। इनमें कार्डियालोजी, कार्डियोथ्रेसिक सर्जरी, न्यूरोलोजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफ्रालोजी तथा यूरोलोजी शामिल हैं। यूरोलोजी तथा नेफ्रालोजी विभाग मेडिकल स्पेशलिस्टों द्वारा चलाए जा रहे हैं। भले ही इन दोनों डाक्टरों ने अपने अपने फील्ड में ट्रेनिंग ले रखी है, लेकिन यह सुपर स्पेशलिस्ट नही हैं। सुपर स्पोशलिस्ट डाक्टरों की मांग निजी क्षेत्र में काफी अधिक है। ऐसे में डाक्टरों का मिलना बेहद कठिन है। डाक्टरों की भर्ती हर हाल में करेंगे : सूद इस संदर्भ में मेडिकल रिसर्च एंड एजूकेशन विभाग के मंत्री तीक्ष्ण सूद का कहना है कि इमारतें बनने में अभी लगभग दो वर्ष लगने हैं। इतने समय में डाक्टरों की भर्ती हर हाल में कर ली जाएगी। मेडिकल रिसर्च एंड एजूकेशन विभाग के कार्यकारी डायरेक्टर डा. जगदीश गार्गी का कहना है कि वह एम्स के सपने को टूटने नहीं देंगे। सुपर स्पेशलिटी डाक्टरों की भर्ती के लिए शीघ्र ही प्लान बना कर सरकार को सौंप देंगे।

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