पाकिस्तानी पुलिस ने लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हमले के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया हैं लेकिन हमले के दो दिनो के बाद भी वह असली हमलावरों तक पहुंचने में अब तक नाकाम रहीं हैं। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के पास गत मंगलवार को हुए इस हमले के सिलसिले में पुलिस ने कई लोगो को हिरासत में लिया है लेकिन हमले के लिए जिम्मेदार हमलावरों को पकड़ने में उसे अभी सफलता नहीं मिली हैं। आतंकियों की तलाश में जुटी पुलिस को घटनास्थल से एक सेलफोन मिला है, जिसके आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
लाहौर के पुलिस प्रमुख हबीब उर रहमान ने कल कहा कि हमने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक गिरफ्तारी सिमकार्ड के जरिए हुई है लेकिन असल हमलावरों को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। हालांकि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं को कुछ सुराग हाथ लगे हैं और वे इस दिशा में काम कर रहे है ताकि असली हमलावरों तक पहुंचा जा सके।
श्रीलंकाई विदेश मंत्री रोहिथा बोगोलागामा ने कहा कि देश के बाहर श्रीलंकाई लोगों पर यह पहला हमला है और वह इस संभावना से इनकार नहीं करते हैं कि विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम भी [लिट्टे] इसमे शामिल हो।
उल्लेखनीय है कि लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के नजदीक हुए इस आतंकी हमले में श्रीलंका के छह क्रिकेट खिलाड़ी और एक सहायक कोच तथा मैच के रिजर्व अंपायर एहसान रजा घायल हो गए थे। इसके अलावा छह पुलिसकर्मियों और मैच अधिकारियों को लेकर चल रही बस के ड्राइवर की इस हमले में जान भी चली गई थी।