कोच गैरी कर्स्टन ने चेताया है कि इंग्लैंड में आईसीसी विश्व ट्वंटी 20 चैंपियनशिप से पहले भारतीय खिलाड़ियों का लगातार खेलना नुकसानदेह हो सकता है और उनका मानना है कि खिलाड़ियों की थकान गत चैंपियन के अभियान में अहम भूमिका निभा सकती है। भारतीय टीम लंबे समय के लगातार क्रिकेट खेल रही है और इस दौरान टीम एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करती रही। भारत को इंडियन प्रीमियर लीग के समाप्त होने के सात दिन के भीतर ट्वंटी 20 विश्व कप से पहले एक जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला अभ्यास मैच खेलना है।
गत विजेता को पांच जून से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में अपने पहले मैच में छह जून को बांग्लादेश से भिड़ना है। कर्स्टन ने कहा, 'भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से यात्राएं कर रहे हैं और सबसे बड़ी चुनौती मानसिक थकान है।' हालांकि दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि टीम के मौजूदा खिलाड़ियों में ऐसी स्थिति से उबरने की क्षमता है। उन्होंने कहा, 'भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैं काफी गौरवांवित महसूस करता हूं और पिछले कुछ महीने में मजबूत टीम बनी है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे एकजुट होकर देश के लिए खेलने को लेकर उत्साहित हैं।'
कर्स्टन का मानना है कि गत चैंपियन भारत पर काफी दबाव होगा लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके लड़कों में टूर्नामेंट में च्च्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, 'जब आप गत चैंपियन होते हैं तो आप पर अतिरिक्त दबाव होता है। यह च्च्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों का हिस्सा है। इस टीम ने 2007 में ट्वंटी 20 विश्व कप के बाद दबाव वाली कई परिस्थितियों में खेला और दिखाया कि वे कितने सक्षम हैं।'
दक्षिण अफ्रीका का यह पूर्व बल्लेबाज हालांकि इंग्लैंड के हालातों को लेकर चिंतित नहीं है क्योंकि यह सभी टीमों के लिए समान है। कर्स्टन ने कहा, 'प्रत्येक देश के अलग हालात होते हैं जिससे प्रत्एक टीम और खिलाड़ी को सामंजस्य बैठाना होता है। भारत के अधिकांश खिलाड़ियों ने इंग्लैंड में खेला है और उन्हें पता है कि कैसे खेलना है।' भारतीय टीम भले ही विदेशी और घरेलू सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हो लेकिन कर्स्टन ने टीम में किसी भी प्रकार की आत्ममुग्धता से इंकार किया।