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फर्जी मु भेड़ का मामला गरमाय

on फ़रवरी 03,2007

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दूसरी ओर शुक्रवार को चरमपंथियों के हमले में पुलवामा ज़िले में चार पुलिसकर्मी मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए.

राज्य की विशेष पुलिस टीम फर्जी मु भेड़ के मामलों की जाँच कर रही है. पिछले दो दिनों में यह दूसरा मौका है जब मु भेड़ में मारे जाने के बाद दफनाए गए किसी व्यक्ति का शव जाँच के लिए निकाला गया हो.

ताज़ा मामला नाज़िर अहमद डेका का है जो 16 फरवरी 2006 से लापता थे. सुरक्षा बलों ने उन्हें लश्करे तैयबा का चरमपंथी समझ लिया था और वह मु भेड़ में वे मारे गए थे.

सुरक्षा बलों ने उनके शव को श्रीनगर के निकट गांदरबल स्थित क़ब्रिस्तान में दफ़ना दिया था.

शुक्रवार को जब उनके शव को क़ब्र से निकाला गया तो इलाक़े के लोग आक्रोश में आ गए और दोषी अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई किए जाने की माँग करने लगे.

इन लोगों ने शव को अपने क़ब्ज़े में ले लिया. हालाँकि बाद में डेका के शव को पुलिस को सौंप दिया गया.

पुलिस उपमहानिरीक्षक फारूक़ अहमद बट ने पत्रकारों को बताया कि विशेष टीम मु भेड़ के चार ऐसे मामलों की पड़ताल कर रही है जिसमें निर्दोष लोगों के मारे जाने का आरोप है.

चरमपंथी हमला

इस बीच पुलिस का कहना है कि पुलवामा ज़िले में चरमपंथियों के हमले में चार पुलिसकर्मी मारे गए और तीन अन्य घायल हुए हैं.

उनका कहना है कि चरमपंथियों ने पुलिस की गाड़ी पर स्वचालित हथियारों से हमला किया. जवाबी कार्रवाई में किसी चरमपंथी के मारे जाने की ख़बर नहीं है.

इस महीने चरमपंथियों का यह दूसरा बड़ा हमला है. इससे पहले 22 जनवरी को अवंतीपुरा में बारूदी सुरंग फटने से अर्द्धसैनिक बलों के चार जवान मारे गए थे.

 

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