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मुंबई हमलों के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी

on मार्च 04,2009

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आतंकवाद निरोधी न्यायाधीश ने मुंबई हमलों के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी और तीन अन्य संदिग्धों की हिरासत अवधि दो और सप्ताह के लिए बढ़ा दी है।

लखवी और लश्कर के अन्य संदिग्ध जरार शाह, अबु अल कामा और हमाद आमिन सादिक को उनकी आतंरिक हिरासत अवधि खत्म होने से पहले मंगलवार को आतंकवाद निरोधी न्यायाधीश साखी मोहम्मद काहूत के समक्ष पेश किया गया। उर्दू अखबार 'जंग' ने खबर दी कि जांचकर्ताओं ने मुंबई हमलों की साजिश को बेपर्दा करने को लेकर अधिक जांच करने के लिए इन आतंकियों की हिरासत अवधि 14 दिन के लिए बढ़ाने की मांग की थी। न्यायाधीश ने यह गुजारिश मंजूर करते हुए उन्हें एक पखवाड़े की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

न्यायाधीश काहूत ने गत महीने इन चार संदिग्धों को तीन मार्च तक के लिए संघीय जांच एजेंसी की हिरासत में सौंपा था। जांच एजेंसी ने पिछले महीने ही आतंरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक को सूचित किया था कि इन संदिग्धों को गत 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और इन्हें एजेंसी की हिरासत में 30 दिन के लिए ही रखा जा सकता है।

संघीय एजेंसी के गृह मंत्रालय को आतंकियों की हिरासत अवधि के बारे में सूचित करने के बाद पाकिस्तानी प्रशासन ने भारत सरकार से कहा था कि मुंबई हमलों के बारे में अधिक जानकारी चाहने के लिए भेजे गए अपने 30 सवालों का जवाब देने में उसे तेजी दिखानी चाहिए ताकि संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

पाकिस्तानी प्रशासन ने मुंबई हमलों के मामले में छह संदिग्धों को हिरासत में ले रखा है। लखवी, शाह, अबु अल कामा और सादिक संघीय जांच एजेंसी की हिरासत में हैं। अन्य दो संदिग्धों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान के जांचकर्ताओं ने दो अन्य संदिग्धों का भी पता लगाया है जो अब भी फरार हैं।


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