स्टार स्ट्राइकर प्रभजोत सिंह ने अजलान शाह कप हाकी टूर्नामेंट की जीत को अगले साल होने वाले विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के सिलसिले में बेहद महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि फिलहाल टीम की निगाहें एशिया कप में हैट्रिक बनाने पर टिकी हैं। अजलान शाह में 13 वर्ष बाद भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले प्रभजोत ने कहा, 'इससे टीम का मनोबल बढ़ा है और इससे यह भी साबित हो गया कि टीम में निरंतर सुधार हो रहा है। यह खिताब टीम के लिए खुशी का मौका लेकर आया। हमने सही समय अजलान शाह खिताब जीता। अब टीम के लिए एशिया कप काफी मायने रखता है। हमारी निगाहें एशिया कप में हैट्रिक पर जमी हैं क्योंकि इससे विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी होगी।'
पंजाब के इस हाकी खिलाड़ी ने स्वीकार किया कि नौ से 16 मई तक होने वाले एशिया कप की चुनौती अजलान शाह से ज्यादा मुश्किल होगी क्योंकि उसमें एशिया की कई धुरंधर टीमें भाग लेंगी। उन्होंने कहा, 'यह बात तो सच है कि एशिया कप काफी मुश्किल होगा लेकिन हम पाकिस्तान और मलेशिया को हरा चुके हैं। दक्षिण कोरिया, चीन और जापान की टीमों के खिलाफ मैच कठिन हो सकता है लेकिन हम मैच दर मैच आगे बढ़ने की रणनीति ही अपनाएंगे।' भारत ने 2003 में पाकिस्तान को 4-2 और 2007 में कोरिया को 7-2 से शिकस्त देकर एशिया कप खिताब अपने नाम किया था।
प्रभजोत ने कहा, 'हम प्रत्येक टूर्नामेंट को लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं। टीम अब सही राह पर चल रही है और खोई हुई प्रतिष्ठा वापिस हासिल करने के लिए एशिया कप जीतना जरूरी होगा।' उन्होंने कहा, 'खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हैं। 2010 में होने वाले विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एशिया कप में पदक हासिल करना निहायती जरूरी है। मेरा व्यक्तिगत लक्ष्य भी यही है कि मैं टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाऊं। मैं टीम को उसी पुराने मुकाम पर देखना चाहता हूं।'
प्रभारी कोच हरेंद्र सिंह और कप्तान संदीप सिंह की प्रशंसा करते हुए प्रभजोत ने कहा, 'हरेंद्र सिंह और युवा कप्तान संदीप सिंह की अगुवाई में टीम अच्छा कर रही है। पंजाब गोल्ड कप में जीत दर्ज करने के बाद हमने विदेशी दौरों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और अब अजलान शाह खिताब जीता। टीम एकजुट होकर खेल रही और जीत दर्ज करने के लिए यही मायने रखता है।' वहीं अनुभवी खिलाड़ी दिलीप टिर्की के सर्वाधिक 404 मैच खेलने को उन्होंने देश के लिए गौरव का क्षण करार किया। उन्होंने कहा, 'यह गर्व करने वाली बात है। भारत के खिलाड़ी ने यह कारनामा कर देश का नाम रोशन किया। वह अभी भी इतना फिट है और सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। युवा खिलाड़ियों को उससे सीख लेनी चाहिए।'