छोटी और कांपैक्ट कारों के बाजार में मारुति अभी भी सिरमौर बनी हुई है। पिछले वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान मंदी के चलते कार बाजार पर बुरा असर पड़ने के बावजूद मारुति सुजुकी की बादशाहत बरकरार है। हालत यह है कि वर्ष 2008-09 में सबसे ज्यादा बिकने वाली देश की शीर्ष पांच कारों में तीन मारुति की ही हैं। हालांकि यह भी सच है कि चालू वित्त वर्ष 2009- 10 से मारुति को अपना नंबर वन स्थान बरकरार रखने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी।
मारुति की आल्टो पिछले चार वर्षो से लगातार देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी हुई है।
वर्ष 2008-09 में भी 2 लाख 12 हजार 568 आल्टो बेची गई हैं। दूसरे स्थान पर मारुति की वैगन-आर है जिसकी बिक्री का आंकड़ा एक लाख 34 हजार 768 रहा है। इससे पिछले वर्ष वैगन-आर तीसरे स्थान पर थी। इस वर्ष तीसरे स्थान पर टाटा की इंडिका है जो पिछले वर्ष दूसरे स्थान पर थी। इंडिका का बिक्री आंकड़ा एक लाख 11 हजार 253 रहा है। स्विफ्ट एक लाख,10 हजार 71 कारों की बिक्री के साथ चौथे स्थान पर है। सबसे ज्यादा किसी कार ने अपनी स्थिति सुधारी है तो वह है हुंडई की आई-10। यह एक लाख 6 हजार 95 कारों की बिक्री के साथ पांचवें स्थान पर है। छठें स्थान पर हुंडई की ही सैंट्रो है। यानी सैंट्रो के बजाय अब आई-10 हुंडई की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन गई है।