साधारण सिगरेट हो या फिर ई-सिगरेट दोनों ही स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन [डब्ल्यूएचओ] ने साफतौर पर यह चेतावनी देते हुए कहा है कि अभी तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं जिससे यह साबित हो सके कि ई-सिगरेट सामान्य सिगरेट का सुरक्षित विकल्प बन सकती है या फिर यह सिगरेट छोड़ने में किसी प्रकार से मददगार साबित हो सकती है। अभी तक यह नहीं कहा जा सकता कि इसके इस्तेमाल का मानव के स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पडे़गा। संगठन का कहना है कि ई-सिगरेट बनाने या बेचने वाली कंपनियों को भी बिना ठोस साक्ष्यों के ऐसे दावे नहीं करने चाहिए। संगठन का मानना है कि यह भी देखने में लगभग सामान्य सिगरेट जैसी ही है और इसी कारण जो लोग स्वयं सिगरेट पीना छोड़ना चाहते हैं उन्हें इसकी लत लग सकती है या फिर युवा वर्ग भी इसकी ओर आकर्षित हो सकता है।
संगठन का कहना है कि निकोटिन की उपलब्ध अन्य वैकल्पिक थैरेपी जैसी इन्हेलर, पैच तथा नाक में किए जाने वाले स्प्रे जैसे विकल्पों की तरह इनकी ठीक से गहन जांच नहीं की गई है। निकोटिन शरीर में पहुंचकर सिगरेट पीने की लत पैदा करता है, यह दिल की धड़कन और रक्तचाप बढ़ता है तथा रक्त को हृदय की मांसपेशियों तक पहुंचने से रोकता है।
ई-सिगरेट एक बैटरी संचालित सिगरेट होती है जिसका कश लेने पर उसमें से धुएं जैसा एक स्प्रे बाहर निकलता है। एक ई-सिगरेट की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 से 240 डालर के बीच है। पहली ई-सिगरेट 2004 में बाजार में आई थी।