एडिलेड। चौथा टेस्ट मैच बचाने के लिए आस्ट्रेलिया से मिले 500 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में कप्तान वीरेंद्र सहवाग [62] ने आतिशी बल्लेबाजी कर माकूल जवाब देने की कोशिश की लेकिन चायकाल पर जाने से पूर्व दोनों सलामी बल्लेबाजों का विकेट खो देने से भारत पर हार कस संकट गहरा गया है। भारत को मैच बचाने के लिए अगले चार सत्रों में 408 रन बनाने हैं जबकि उसके आठ विकेट ही शेष हैं।
चायकाल पर जाने के समय राहुल द्रविड़ 19 और सचिन तेंदुलकर सात रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए थे। सहवाग के अलावा गौतम गंभीर तीन रन बनाकर रेयान हैरिस की गेंद पर कैच आउट हुए। सहवाग ने 53 गेंदों में सीरीज में दूसरा पचासा लगाया। इससे पूर्व पहली पारी में मिले 332 रनों की बढ़त के बावजूद दूसरी पारी खेलने उतरे आस्ट्रेलिया ने चौथे दिन के लंच के तीन ओवर बाद ही आस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी भी पांच विकेट पर 167 रन बना कर घोषित कर दी जिससे भारत के सामने मैच बचाने के लिए 500 रनों का विशाल लक्ष्य मिला। लंच के बाद तीन ओवरों में पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग [नाबाद 60] और ब्रैड हैडिन [नाबाद 11] ने तेजी खेलते हुए स्कोर 167 रन तक पहुंचा दिया। चार मैचों की सीरीज में भारत को क्लीन स्वीप होने से बचाने के लिए इस मैच को हर हाल में बचाना होगा। मेजबान टीम ने सुबह के सत्र में कप्तान माइकल क्लार्क [37] और माइकल हसी [15] के विकेट गंवाए। क्लार्क को उमेश यादव ने विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के हाथों कैच कराया जबकि हसी को ईशांत शर्मा ने पवेलियन भेजा।
मैच के चौथे दिन की सुबह तीन विकेट पर 50 रन से आगे खेलने उतरे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने एक-दो रन लेकर स्कोर को आगे बढ़ाया। भारत ने आज रविंचद्रन अश्विन के साथ शुरुआत नहीं की और जहीर खान तथा ईशांत को जिम्मेदारी सौंपी। पहले छह ओवर में सफलता नहीं मिलने के बाद कप्तान सहवाग ने अश्विन को गेंद थमाई। क्लार्क ने आफ स्पिनर अश्विन पर दो चौके जड़े लेकिन यादव की शरीर के करीब की गेंद को कट करने की कोशिश में साहा को कैच दे बैठे। पोंटिंग ने लंच से आधा घंटा पहले अश्विन की गेंद पर एक रन के साथ सीरीज का अपना तीसरा अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने इसके अलावा एक दोहरा शतक और एक शतक भी जड़ा। पोंटिंग 46 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब यादव की आफ स्टंप से बाहर की गेंद को पुल करने की कोशिश हवा में खेल गए लेकिन द्रविड़ पीछे की ओर दौड़ते हुए कैच नहीं लपक पाए। लंच से 20 मिनट पहले ईशांत को एक बार फिर गेंद थमाई गई और उन्होंने माइक हसी [] को पगबाधा आउट कर दिया। भारत को अगर इस मैच जीत दर्ज करनी है तो यह तय है कि उसे रिकार्ड लक्ष्य का पीछा करना पड़ेगा। इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत आस्ट्रेलिया के नाम दर्ज है जिसने इंग्लैंड के खिलाफ सौ साल से भी पहले 1901-02 में छह विकेट पर 315 रन बनाकर जीत दर्ज की थी। टेस्ट इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत का रिकार्ड वेस्टइंडीज के नाम है जिसने मई 2003 में सेंट जोंस में आस्ट्रेलिया के 418 रन के लक्ष्य को हासिल किया था। कप्तान माइकल क्लार्क के बाद सीरीज में पांच सौ से ज्यादा बनाने वाले पोंटिंग दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।