आगरा। ताजमहल से सटे पर्यटन क्षेत्र में एक सांड पर खून सवार हो गया। उसने घंटों तांडव मचाया। एक राहगीर को मौत के घाट उतार दिया। दर्जनभर अन्य को सींग से उठाकर कई-कई फीट उछाल दिया, जिससे उनकी हालत गंभीर है।
सांड को काबू में करने की कोशिशें की गईं। परंतु वह ताकत के बूते बार-बार नगर निगम टीम की ओर से डाला गया रस्सा तोड़कर भाग गया। आखिरकार बेकाबू सांड को मौत के घाट उतारने का फैसला लिया गया। पुलिस ने चार गोलियां मारीं और उसका काम तमाम कर दिया। सांड के एनकाउंटर के दौरान एक गोली पीएसी के एक कमांडो को भी लगी है।
ताज से कुछ मीटर दूर स्थित पुरानी मंडी पर शनिवार सुबह लगभग 6.30 बजे काला सांड पहुंचा। उस समय लोग 'मार्निग वाक' पर निकले हुए थे। अचानक न जाने क्या हुआ कि सांड पागल सा हो गया। उसने राहगीरों पर हमला शुरू कर दिया। सबसे पहले सुबह टहलकर लौट रहे 97 वर्षीय पुजारी चुन्नी लाल पुत्र मुन्ना लाल पर बुरी तरह प्रहार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने तीन साइकिल सवारों को निशाना बनाया। सांड इतनी तेजी से टक्कर मार रहा था कि साइकिल सवार कई फुट उछलकर गिरते। सांड को बिगड़ा देखकर मौके पर जुटे लोगों ने डंडों से सांड को खदेड़ दिया।
दोपहर लगभग डेढ़ बजे सांड फिर चौराहे पर लौटा, तब तक वहां भीड़भाड़ बढ़ चुकी थी। गाड़ियां अपनी रफ्तार से दौड़ रहीं थीं। इस बीच किले की तरफ से आ रहे बाइक सवार को सांड ने इतनी तेजी से टक्कर मारकर उछाला कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सांड का रौद्र रूप देखकर ट्रैफिक रोक दिया गया। इस बीच दीवारी पर खड़े लोग नजारा देख रहे थे। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम पहुंच गई। सांड को काबू में करने के लिए रस्से फेंके गए, तो वह रस्सा तोड़कर भाग निकला। सांड़ की ताकत, लगातार असफल कोशिशों और हर पल बढ़ती दहशत देख नगर निगम कर्मचारी हिम्मत हारकर लौट गए, लेकिन खतरा बरकरार था।
इसकी सूचना मिलने पर वीआईपी ड्यूटी छोड़ एसपी सिटी डा. बीपी अशोक, इंस्पेक्टर छत्ता बलधारी सिंह फोर्स के साथ वहां पहुंचे, लेकिन उसे काबू करने की कोशिशें नाकाम हो गईं। इसके बाद एसपी सिटी ने आवाजाही वाले इलाके की दृष्टि से जोखिम भरा फैसला लिया। मौत का खेल खेलते सांड़ पर गोलियां दागनी शुरू कर दीं। हवा की तेजी से उछाल भर रहे सांड पर दागी गई गोली पार्क की रेलिंग से टकराकर वहां खड़े पीएसी कमांडो राजवीर पुत्र आशाराम के हाथ को घायल कर गई। जवान के घायल होने से मची अफरातफरी में आपरेशन थोड़ी देर के लिए रुक गया। जवान को हास्पिटल भेजने के बाद एसपी सिटी ने फिर मोर्चा संभाला। चार गोलियां सांड में उतार दीं। दूसरी तरफ से नगर निगम की टीम ने फंदा डाल दिया और मौत के खिलाड़ी का खेल खत्म हो गया।
बच गए विदेशी पर्यटक
ताज दर्शन के लिए जाने वाले विदेशी पर्यटकों की गाड़ियां भी इसी चौराहे की पार्किंग पर खड़ी होती हैं। चौराहे पर मौत का दूत बनकर घूम रहे सांड से कई पर्यटक गाड़ियां बच गईं। कुछ को स्थानीय लोगों ने आगाह कर वापस लौटा दिया।