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बढ़ेगी पाक की सहायता राशि

on मार्च 27,2009

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अमेरिकी सीनेटर जान कैरी का कहना है कि अगले एक दशक के लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली असैन्य सहायता सशर्त तिगुनी की जाएगी। यह पाकिस्तान की आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ सफलता पर निर्भर करेगी।

अमेरिकी सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष जान कैरी समिति के रैंकिंग मेम्बर और सीनेटर रिचर्ड लुगर, आगामी सप्ताहों में इस सिलसिले में एक विधेयक पेश करेंगे। 'कैरी-लुगर विधेयक' नामक इस विधेयक के जरिए पाकिस्तान को अगले एक दशक के लिए 1.5 अरब अमेरिकी डालर की सालाना असैन्य सहायता प्रदान की जाएगी।

कैरी का कहना है, 'सीनेटर लुगर और मैं जल्द ही एक विधेयक पेश करेंगे, जिसमें पाकिस्तान के लिए असैन्य मदद तीन गुना करने की बात कही गई है। तालिबान और अलकायदा के खिलाफ पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को और अधिक जबावदेह बनाया जाएगा।'

अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति ने लेफ्टिनेंट जनरल कार्ल एकेनबेरी की अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के नए राजदूत के रूप में पुष्टि की। समिति के अध्यक्ष और सीनेटर जान कैरी का कहना है कि अफगानिस्तान अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ, आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मुहिम में केंद्रीय मोर्चे का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा, 'हमारी रणनीति में क्षेत्र की चुनौतियों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित होनी चाहिए और इसके लिए पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार को मजबूत करने के प्रयास दोगुने करने और कबायली इलाकों में आतंकियों के खिलाफ इसकी गतिविधियों को समर्थन देने की जरूरत है।' अफगानिस्तान में वर्ष 2005 से वर्ष 2007 तक अमेरिकी सेना के कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल कार्ल एकिनबेरी को अफगानिस्तान में अमेरिका का राजदूत बनाए जाने के बारे में सीनेटर जान कैरी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में सफलता के लिए पाकिस्तान बेहद महत्वपूर्ण है।

जान कैरी ने कहा, 'वर्ष 2001 और वर्ष 2002 में जब हम अफगानिस्तान गए। हमने तेजी से तालिबान को हराया। हमने अलकायदा का ढांचा तेजी से नष्ट किया। लेकिन हमने उन्हें पाकिस्तान के भीतर धकेल दिया और इतने सालों से वह पाकिस्तान में मौजूद हैं। उन्होंने अपनी क्षमताओं को बढ़ाया है। इससे न केवल खतरा बढ़ा है, बल्कि इससे अफगानिस्तान में हमारे प्रयासों को भी धक्का पहुंचा है।'

अफगानिस्तान में अमेरिका के नए राजदूत एकिनबेरी का कहना है कि बीते चार-पांच वर्ष से तालिबान अपनी मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के भीतर उनकी पनाहगाह है। वह अफगानिस्तान के इलाकों में अपनी ताकत और प्रभाव लगातार बढ़ा रहे हैं। ये इलाके केवल पूर्वी अफगानिस्तान सीमा और दक्षिणी अफगानिस्तान सीमा से ही नहीं सटे है, बल्कि अफगानिस्तान के अंदरूनी इलाकों में भी उनका विस्तार हो चुका है।




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