राजस्थान से मध्य प्रदेश के सागर के लिए चले विस्फोटकों से भरे 60 ट्रकों के रास्ते में ही गायब होने के मामले के सामने आने के डेढ़ माह बाद पता चला है कि यह आंकड़ा 60 नहीं, बल्कि 150 से भी अधिक हो सकता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में गायब हुए ट्रकों की संख्या डेढ़ सौ के पार भी जा सकती है और कई नए शहर व प्रांतों के नाम भी इसमें जुड़ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान से साठ ट्रक विस्फोटक सागर के लिए रवाना हुआ था, लेकिन इनमें से एक भी ट्रक सागर नहीं पहुंचा। इन ट्रकों के गायब होने के बाद अब यह पता चला है कि अप्रैल से मई के बीच लगभग सौ अधिक ट्रक अशोकनगर जिले के लिए निकले, लेकिन इनमें एक भी ट्रक मध्यप्रदेश की सीमा तक नहीं पहुंचा और इन ट्रकों का विस्फोटक बीच में ही इधर-उधर कर दिया गया।
पुलिस की अब तक की जांच में इस मामले के तार छह राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और आंध्रप्रदेश तक फैले होने के साक्ष्य मिले हैं। लेकिन गायब विस्फोटक कहां गया और वह नक्सली या किसी आतंकी गुट के हाथ तो नहीं पड़ गया, इसका कुछ पता नहीं चल सका है।
मुख्य आरोपी देवेन्द्र सिंह ठाकुर, शिवचरण हेड़ा व जयकिशन आसवानी अब तक पुलिस की पकड़ से क्यों दूर है, विस्फोटक निर्माता कंपनियों से लाइसेंसधारी से भिन्न व्यक्तियों को विस्फोटक जारी करने का सिलसिला कब से चल रहा है, किराए के लाइसेंस पर बारूद की खरीद-फरोख्त के व्यापार के कई प्रांतों में फैला होने के बावजूद खुफिया एजेंसियों की नजर से कैसे बचा रहा, जैसे सवाल अभी भी पुलिस सुरक्षा एजेंसियों के लिए यक्ष प्रश्न बने हुए हैं।