Today is पेहला पन्ना | घरपृष्ठ निर्धारित करना | पसंदीदा मे जमा कर
वेबसाईट खोजे   प्रगतिशील खोज »
संपादक
Harish Lamba
(Editor and Chief)

ख़बरों में है दम, सबसे आगे हम
पुराख़बर
Mo Tu We Th Fr Sa Su
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829

न्यूज़पत्र
न्यूज़पत्र सबस्क्राईब करें:

Poll: आपके विचार
आप हमारी वेबसाइट के बारे में क्या सोचते हैं
यह वेबसाइट बड़िया है
कुछ ख़ास नही
थोड़े और काम की ज़रूरत है
बिल्कुल बड़िया नही
Poll परिणाम | पुरानी polls


email दोस्त को ई-मेल करें | print विवरण छापें |

नक्सली और तृणमूल मिलकर काम कर रहे

on अगस्त 07,2010

image
माकपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि रेल मंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और नक्सली मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही पार्टी का कहना है कि दोनों ने मिलकर 250 से अधिक माकपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है।

पार्टी की केंद्रीय समिति की चार दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि ऐसी हिंसा देश के लिए खराब संकेत है। करात ने कहा कि माकपा द्वारा नव उदारवादी नीतियों व अमेरिकी साम्राज्यवाद से रणनीतिक गठजोड़ के निरंतर विरोध से शासक वर्ग में नाराजगी पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा कि हमले माकपा और पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ केंद्रित है। करात ने कहा कि माकपा के 250 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या टीएमसी और नक्सलियों ने मिल कर की है। टीएमसी केंद्र सरकार का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक अधिकारों पर ऐसे हमले और हिंसा अधिनायकवादी प्रवृत्ति का संकेत है जो पूरे देश के लिए खराब संकेत है।

उन्होंने कहा कि पार्टी और पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ दक्षिणपंथी ताकतों या उपनिवेशवाद से जीविका हासिल करने वालों और कार्पोरेट मीडिया के हमले चिंता का कारण नहीं है। करात ने कहा कि माकपा कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे नक्सलियों का शातिर और लोकतंत्र विरोधी चेहरा सामने आ गया है। करात ने कहा कि वे यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने आम लोगों पर भी हमला किया। यह ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की दुर्घटना से साफ हो गया। ऐसे कामों से बुद्धिजीवियों के एक तबके में नक्सलियों के बारे में फैला भ्रम दूर हो जाना चाहिए।

इसके साथ ही करात ने कहा कि सरकार को कश्मीर घाटी में मौजूद चिंताजनक हालात को नियंत्रित करने के लिए तुरंत ही कश्मीर घाटी के सभी समुदायों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरु करनी चाहिए।

माकपा ने सरकार से कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान पारंपरिक तरीकों के जरिए नहीं किया जा सकता है। जम्मू कश्मीर में मौजूद संकट का समाधान तभी पाया जा सकता है जब यह मानकर चला जाए कि इस समस्या का समाधान पारंपरिक तरीकों के जरिए नहंीं किया जा सकता है। राज्य में होने वाले अंतहीन हत्याओं और विरोध प्रदर्शनों को समाप्त करना ही होगा।

चार दिनों तक टुमालापल्ली वारी क्षेत्राया कलाक्षेत्रम में चलने वाली माकपा की विस्तारित केंद्रीय समिति की वार्षिक सभा में बोलते हुए प्रकाश करात ने कहा कि कश्मीर के लोगों को यह आश्वासन देना होगा कि उनकी पहचान और विशिष्ट दर्जा नई राजनीतिक रुपरेखा के तहत भी जारी रहेगा जिसमें उनके लिए अधिकतम स्वायतता की बात कही गई है।

इस समारोह में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार, केरल के गृहमंत्री के बालाकृष्णन, माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी, एमके पंधे, वृंदा करात, बीवी राघवुलु और पश्चिम बंगाल के पार्टी सचिव विमान बोस भाग ले रहे है। समारोह के आज के शुरुआती सत्र में बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य शामिल नहंीं हुए।



48 बार पड़ी गई

Breaking News
ख़ास ख़बर
hit counters