लोक जनशक्ति पार्टी [लोजपा] के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम विलास पासवान का पारा उस समय चढ़ गया, जब जिला प्रशासन ने उन्हें उन्नाव जिले में महाराजा लाखन पासी की प्रतिमा का अनावरण करने से रोक दिया। इस पर उन्होंने ऐलान किया कि वह 23 अगस्त को दोबारा आएंगे। प्रतिमा का अनावरण करेंगे। जिला प्रशासन में दम हो तो उन्हें रोक के दिखाए। पासवान रविवार को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार उन्नाव के गांव सुखई खेड़ा में महाराजा लाखन पासी की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए आए थे। लोजपा के प्रदेश सचिव गुरु प्रसाद रावत ने सुखई खेड़ा में अपनी निजी जमीन पर प्रतिमा का अनावरण रखा था। रावत यहां के ग्राम प्रधान भी हैं। शनिवार को एसडीएम पुरवा पीएल शंखवार ने आयोजकों से कार्यक्रम का अनुमति पत्र दिखाने को कहा था। आयोजक इस पर चुप्पी साध गए थे, जबकि एसडीएम का कहना था कि किसी भी जगह प्रतिमा लगाने के लिए शासन की अनुमति अनिवार्य है।
जिला प्रशासन ने रविवार को जब पासवान को प्रतिमा अनावरण से रोका तो वह जनसभा में बोले कि जब यह यहां के प्रधान की निजी भूमि है तो कौन से कानून के तहत उन्हें प्रतिमा के अनावरण से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती जगह-जगह अपनी तथा कांशीराम की प्रतिमा लगवा रही हैं। पासी समाज के लोग महाराजा लाखन पासी की प्रतिमा लगवा रहे हैं, तो उन्हें अच्छा नहीं लग रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मुझे छेड़ा है, अब उन्हें छोड़ने वाला नहीं हूं। बिहार के पूर्व सांसद काली पांडेय ने कहा कि 23 अगस्त को इसी जगह पासवान प्रतिमा का अनावरण करेंगे।