हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन के मुद्दे पर हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली की खापों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है। रोहतक के महम चौबीसी में रविवार को जुटे 400 से अधिक खाप-पंचायतों के नुमाइंदों ने अपनी मांगों के समर्थन में 21 दिसंबर को हरियाणा में चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया। महापंचायत में खाप प्रतिनिधियों ने किराए की कोख, लिव इन रिलेशनशिप [बिना विवाह के स्त्री-पुरुष के साथ रहने], समलैंगिकता व तलाक के कानून के सरलीकरण के खिलाफ भी मोर्चा खोलने की घोषणा की। साथ ही खाप पंचायतों को लोक अदालत का दर्जा देकर न्यायिक अधिकार प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किया गया।
कई पूर्व सांसद-विधायकों की मौजूदगी में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुकम सिंह ने खाप पंचायतों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि कोई एक फैसला बताओ, जिसमें पंचायत ने किसी की हत्या का फरमान जारी किया हो। उन्होंने मीडिया पर पंचायतों की छवि खराब करने का आरोप जड़ा और पंचायत के हक में बोलने के लिए सांसद नवीन जिंदल को बहादुर बताया।
महापंचायत के आयोजक शमशेर सिंह खरकड़ा ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन समेत अन्य मुद्दों को लेकर इसी माह हरियाणा के राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के सोरम में 13-14 नवंबर को होने वाली महापंचायत में खाप पंचायतों के आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया जाएगा। शमशेर खरकड़ा ने एलान किया कि अगर सरकार ने हमारी नहीं सुनी तो 21 दिसंबर को पूरे हरियाणा में चक्का जाम कर दिया जाएगा। महापंचायत में उपस्थित लोगों ने हाथ उठवाकर खरकड़ा के इस ऐलान का समर्थन किया।
महापंचायत में महिलाओं की उपस्थिति भी अच्छी खासी दिखी। महिला सर्व खाप प्रधान संतोष दहिया के नेतृत्व में भारी तादाद में महिलाएं महापंचायत में मौजूद थीं। महापंचायत की अध्यक्षता 21 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की। जिसमें अलग-अलग जातीय खाप-संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। हरियाणा की 107 खाप-पंचायतों में से ज्यादातर के नुमाइंदे मंच पर मौजूद थे। महापंचायत में कंडेला खाप के टेकराम कंडेला, सतरोल खाप के मास्टर फूल कुमार, झाडोदा से चौधरी राजेंद्र सिंह, ब्राह्मण बिरादरी से कृष्ण कुमार मिश्रा, बावल खाप-84 के प्रधान रामकिशन मल्हान, आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से सतवीर शास्त्री ने शिरकत की।