पेट्रोल के दाम अब हर महीने बदल सकते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां महीने में एक बार अंतरराष्ट्रीय कीमत और लागत के हिसाब से पेट्रोल मूल्य की समीक्षा करेंगी और यदि बदलाव जरुरी हुआ तो उसे मिलकर लागू करेंगी। पेट्रोल के दाम सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने के बाद यह फैसला किया गया है। इंडियन आयल कार्पोरेशन [आईओसी], भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड [बीपीसीएल] और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड [एचपीसीएल] ने आपसी विचार विमर्श के बाद महीने में एक बार पेट्रोल के दाम की समीक्षा कर उसमें यदि कोई बदलाव की जरुरत पड़ी तो उसे मिलकर लागू करेंगी। इससे पहले यह कहा जा रहा था कि तेल कंपनियां प्रत्येक 15 दिन में पेट्रोल दाम की समीक्षा करेंगी।
कंपनी अधिकारियों ने कहा कि तेल मूल्यों में बदलाव के बारे में पहले से तिथि की घोषणा नहीं की जाएगी, इससे जमाखोरी को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि महीने में किसी भी दिन पेट्रोल के दाम बदले जा सकते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों तेल कंपनियों ने निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज, एस्सार ऑयल और रॉयल डच शैल से भी इस बारे में बातचीत की है। पेट्रोलियम सचिव एस. सुंदरेशन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि निजी क्षेत्र की तेल कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के दामों में ज्यादा अंतर नहीं होगा।
आईओसी के निदेशक वित्त एस. वी. नरसिम्हन ने बताया कि तीनों कंपनियां आपस में समन्वय कर पेट्रोल मूल्य की समीक्षा करेंगी। इसमें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल तथा पेट्रोल के दाम का रुख सभी कुछ पर गौर किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों कंपनियां पेट्रोल की बिक्री समान मूल्य पर करेंगी।
सरकार ने 25 जून को पेट्रोल के दाम सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद उसी दिन रात से पेट्रोल के दाम 3.50 रुपये लीटर बढ़ा दिए गए। डीजल के दाम भी सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त करने का निर्णय ले लिया गया है लेकिन फिलहाल इसमें दो रुपये की ही वृद्धि की गई। हालांकि तेल कंपनियों के नुकसान को देखते हुए इसमें 3.80 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि होनी चाहिए थी।
नरसिम्हन ने कहा पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम कुछ नीचे आए हैं, इससे पहले जो नुकसान हो रहा था वह काफी कुछ दूर हो गया। हमने स्थिति की समीक्षा की है और फिलहाल पेट्रोल के दाम बदलने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनियां महीने के अंत तक ही इसकी समीक्षा करेंगी और कोई निर्णय लेंगी।