Today is पेहला पन्ना | घरपृष्ठ निर्धारित करना | पसंदीदा मे जमा कर
वेबसाईट खोजे   प्रगतिशील खोज »
संपादक
Harish Lamba
(Editor and Chief)

ख़बरों में है दम, सबसे आगे हम
पुराख़बर
Mo Tu We Th Fr Sa Su
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930

न्यूज़पत्र
न्यूज़पत्र सबस्क्राईब करें:

Poll: आपके विचार
आप हमारी वेबसाइट के बारे में क्या सोचते हैं
यह वेबसाइट बड़िया है
कुछ ख़ास नही
थोड़े और काम की ज़रूरत है
बिल्कुल बड़िया नही
Poll परिणाम | पुरानी polls


email दोस्त को ई-मेल करें | print विवरण छापें |

एनएसी का वार महंगाई की कमर तोड़ेगा

on जुलाई 15,2010

image
संप्रग सरकार की सबसे कमजोर नब्ज बन चुकी महंगाई का संकट दूर करने का श्रेय अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की झोली में ही गिरेगा। तमाम प्रयासों के बावजूद खाद्य पदार्थो में महंगाई रोकने में विफलता के लिए यूपीए-दो आलोचना झेल रही है, लेकिन अब इसे दूर करने का पूरा श्रेय सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार समिति [एनएसी] को मिलने वाला है।

एनएसी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक के तहत सर्वाधिक पिछड़े एक चौथाई जिलों में प्रत्येक परिवार को तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से 35 किलो अनाज देने की सिफारिश कर महंगाई पर प्रभावी प्रहार का खाका खींच दिया है।

बुधवार को सारा दिन चली बैठक में एनएसी ने खाद्य सुरक्षा विधेयक का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसके तहत सबसे अहम संस्तुति देश के सबसे पिछड़े एक चौथाई जिलों में सभी परिवारों को तीन रुपये किलो के लिहाज से गेहूं या चावल देने की सिफारिश है। इन जिलों का चयन योजना आयोग करेगा। इसके जरिए नक्सल प्रभावित जिलों में भी सरकार भरोसा जगाने की कोशिश करेगी। खाद्य सुरक्षा विधेयक के तहत इस योजना को चरणबद्ध तरीके से आगे विस्तार दिया जाएगा।

सिफारिश के मुताबिक, देश के ग्रामीण अंचलों के शेष जिलों व ब्लॉकों में व्यापक स्तर पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत पिछड़े तबकों व अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर सरकार खास तवज्जो देगी। इन्हें तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से 35 किलो अनाज मिलेगा। साथ ही अन्य तबकों को 25 किलो अनाज भी किफायती दरों पर दिया जाएगा।

हाशिम कमेटी की सिफारिशों के आधार पर योजना आयोग ने शहरी परिवारों के लिए भी मानदंड तय किए हैं। इसके तहत शहर में झुग्गी-झोपड़ी या निराश्रित परिवारों को तीन रुपये किलो के हिसाब से 35 किलो अनाज ही उपलब्ध होगा। गरीबी रेखा से ऊपर वाले परिवारों को मिल रहे खाद्यान्न में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

साफ है कि पहले एक साल में एक चौथाई पिछड़े जिलों में सस्ती दरों में अनाज उपलब्ध करा सरकार महंगाई के मुद्दे को भोथरा करेगी। इतना ही नहीं, नवजातों, बच्चों, छात्र-छात्राओं, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं समेत विभिन्न बीमारियों से ग्रसित तबकों के पोषण के लिए भी पूरे देश में योजना चलाई जाएगी।

एनएसी में सांप्रदायिकता विरोधी विधेयक पर भी चर्चा हुई। इसमें आम सहमति बनी कि मौजूदा कानून कमजोर है। इसके लिए एनएसी का कार्यदल कानूनविदों से राय कर सरकार को नई सिफारिश करेगा, ताकि इस विधेयक को और कारगर बनाया जा सके।



31 बार पड़ी गई

Breaking News
ख़ास ख़बर
hit counters