अमेरिका पाक स्थित कुछ और आतंकी संगठनों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने पर विचार कर रहा है, ताकि उनकी विदेश यात्रा पर रोक तथा वित्तीय प्रतिबंध लग सकें। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने गुरुवार को कहा कि इस सूची में शीर्ष पर पाकिस्तान तालिबान या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और हक्कानी नेटवर्क है। उन्होंने हालांकि इस बारे में किसी समयसीमा का जिक्र नहीं किया कि इन संगठनों पर प्रतिबंध कब लगाए जाएंगे।
क्राउले ने कहा कि हम मूल्यांकन कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रियाएं और कानूनी मानदंड पूरे किए जाने हैं। सीनेटरों कार्ल लेविन और जैक रीड की इस मांग के बारे में पूछे जाने पर कि टीटीपी और हक्कानी नेटवर्क को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया जाना चाहिए, क्राउले ने कहा कि विदेश विभाग के लिए कानूनी प्रक्रिया को छोड़कर और कोई बाधा नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि जब किसी समूह को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया जाता है तो उसका काफी असर पड़ता है। उसके लिए बहुत जटिल वित्तीय और कानूनी बाधाएं उत्पन्न हो जाती हैं।
क्राउले ने कहा कि हमने कुछ समय से इन समूहों का मूल्यांकन किया है। हम सिर्फ इसी आधार पर मूल्यांकन नहीं करते कि इन समूहों ने क्या किया है, बल्कि इसमें अमेरिका को व्याप्त खतरा और नीतिगत असर का आधार भी शामिल है। इन संगठनों को आतंकी संगठन घोषित करने में हो रही देरी के संभावित कारण पर क्राउले ने कहा कि इन कदमों का सावधानी से मूल्यांकन किया जाना है क्योंकि इसके वित्तीय और कानूनी परिणाम होते हैं।