कर्नाटक के बेल्लारी बंधुओं को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच घमासान बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से उन्हीं के अंदाज में पूछ लिया है कि 'क्या खान माफिया भाजपा के दामाद लगते हैं, जो कर्नाटक सरकार और पूरी पार्टी उन्हें प्रश्रय देने में जुटी है।' कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावनाओं को तो कांग्रेस ने खारिज किया, लेकिन बी.एस. येद्दयुरप्पा के इस्तीफे के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया। कांग्रेस और कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज की तरफ से हो रही पेशबंदी के बाद भाजपा ने केंद्र सरकार पर येद्दयुरप्पा सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया, साथ ही इस मसले से निपटने के लिए कोर कमेटी की बैठक में चर्चा भी की। बेल्लारी बंधुओं-पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी. करुणाकर रेड्डी के खिलाफ हमले की कमान पहले पार्टी महासचिव बी.के. हरिप्रसाद ने संभाली। उन्होंने कहा कि पूरी भाजपा अवैध खान माफियाओं को बचाने में ही उतर आई है। उन्होंने सवाल पूछा कि 'क्या ये खान माफिया और मंत्री भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के दामाद लगते हैं जो उन्हें पूरा प्रश्रय दिया जा रहा है।' इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी अवैध खनन के आंकड़ों के साथ मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि पिछले चार माह में 35 लाख टन लौह अयस्क अवैध रूप से कर्नाटक से गायब हुआ है। इसकी कीमत करीब 1100 करोड़ रुपये आती है।
उन्होंने कटाक्ष किया कि 'जब ब्लड बैंक ड्रैकुला के हवाले कर दिया जाएगा तो वहां बचेगा क्या।' दरअसल, बेल्लारी बंधु इसी विभाग में मंत्री भी हैं और उनका मुख्य व्यवसाय भी यही है। इसीलिए उन पर लंबे अरसे से न सिर्फ उंगली उठ रही है, बल्कि कर्नाटक के लोकायुक्त इस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर इस्तीफा तक दे चुके हैं। मंगलवार को कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने इस मसले पर राज्य सरकार पर हमला बोलकर मामला गरमा दिया। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी मंगलवार को राष्ट्रपति को दी और बुधवार को उन्होंने गृह मंत्री पी. चिदंबरम को भी पूरी रिपोर्ट सौंपी।
इसी को और आगे बढ़ाते हुए सिंघवी ने कहा कि 'अगर कर्नाटक के मुख्यमंत्री में जरा भी शर्म बची हो तो वे इस्तीफा दें।' हालांकि, राष्ट्रपति शासन लगाने के सवाल को उन्होंने सिरे से खारिज किया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हम उन्हें शहीद नहीं होने देंगे। दूसरी तरफ सरकार के आक्रामक तेवरों से हैरान भाजपा ने कोर कमेटी की बैठक में इस मसले से निपटने की रणनीति बनाई। भाजपा अभी भी बेल्लारी बंधुओं पर कार्रवाई करने के मूड में नहीं दिखाई दी। भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने कहा कि 'राजनीतिक लड़ाई में राज्य में हार चुकी कांग्रेस अब येद्दयुरप्पा सरकार को अस्थिर करना चाहती है।'