अवैध खनन मामले पर विपक्ष के हमले और राज्यपाल के तीखे तेवर के बीच कर्नाटक की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने यह तय किया है कि वह राज्यपाल एच.आर. भारद्वाज को हटाने के लिए दिल्ली में धरना देगी। सरकार और इसके कुछ मंत्रियों के खिलाफ राज्यपाल ने टिप्पणी की थी। मुख्यमंत्री बी.एस. येद्दयुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा की कोर कमेटी ने यह फैसला किया कि राज्य के मंत्री व विधायक दिल्ली में राष्ट्रपति भवन पर धरना देंगे। यह धरना अवैध खनन के आरोपों को लेकर बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं पर कार्रवाई करने की राज्यपाल की मांग के विरोध में दिया जाएगा।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल द्वारा पार्टी पर निशाना साधने को लेकर बैठक में शामिल नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की और उनके कार्यो की आलोचना की। सूत्रों के अनुसार धरने की तारीख वर्तमान सत्र के खत्म होने पर तय की जाएगी।
वहीं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मंगलवार को दिल्ली में बात करने के बाद राज्यपाल भारद्वाज ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने येद्दयुरप्पा से अवैध खनन मामले में पर्यटन मंत्री जी जनार्दन रेड्डी और उनके भाई राजस्व मंत्री जी करुणाकर रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है।
उधर, बुधवार को भी कर्नाटक विधान सभा में जम कर हंगामा हुआ। विधान सभा अध्यक्ष केजी बोपैया को सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने खिन्न होकर कहा, 'मैं कर्नाटक की जनता से माफी मांगता हूं क्योंकि मैं सदन की कार्रवाई चला पाने में असमर्थ हूं।'
विपक्ष ने मांग की कि अवैध खनन मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच लोक आयुक्त 2002-03 से ही कर रहे हैं और उन्हें इस मामले में जांच करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोक आयुक्त की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। सीबीआई की जांच से मामले में विलंब होगा।
सदन में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया [कांग्रेस] ने कहा कि इस खनन घोटाले के कारण अभी तक सरकार को 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'वह गुंडा मुख्यमंत्री है। ऐसा तो फासीवादी करते हैं। वह इस मामले को सीबीआई को इसलिए नहीं सौंप रहे हैं क्योंकि वह रेड्डी बंधुओं से डरते हैं।'
दूसरी तरफ, विधान सभा में विपक्षी दलों द्वारा धरना दिए जाने के दौरान मांसाहार किए जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षियों के इस कार्य से विधान सभा अपवित्र हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि सदन मांस खाने के लिए नहीं है।
वहीं, सिद्धरमैया ने कहा कि सदन तो वाकई अपवित्र हो चुका है लेकिन बिरयानी खाने से नहीं बल्कि सरकार के लौह अयस्क खाने से।
सदन में हंगामे व अवरोध के बीच कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह और उनके सहयोगी मंत्री रेड्डी बंधु कांग्रेस और जदएस का कारनामों को उजागर करने के लिए बेल्लारी से मैसूर तक की पदयात्रा करेंगे। दूसरी तरफ सिद्धरमैया बेंगलूर से बेल्लारी की पदयात्रा करेंगे।