टाइमर बम के जरिये प्रदेश के संस्थागत वित्ता व स्टांप मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' पर हुए जानलेवा हमले को मुख्यमंत्री मायावती ने अत्यन्त गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी होते ही जहां उन्होंने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को तुरन्त इलाहाबाद भेजा, वहीं दो मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी व स्वामी प्रसाद मौर्य को भी तत्काल मौके पर रवाना कर दिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर भेजे गए अफसरों को निर्देश दिए कि वह मामले की गंभीरता से छानबीन कर वारदात करने वाले अपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा घटना में शामिल आपराधिक तत्वों को इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने दोनों मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी व स्वामी प्रसाद मौर्य को इलाहाबाद जाने और इस घटना में घायल लोगों को हर संभव चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये हैं।
देर शाम एडीजी कानून व्यवस्था बृजलाल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री पर हुआ जानलेवा हमला पुलिस के लिये एक चुनौती है। इसको अंजाम देने वाले आपराधिक तत्वों की पहचान करने के लिये एसटीएफ व एटीएस को लगा दिया गया है। एसटीएफ के आईजी को मौके पर भेजा गया है। आगरा से एफएसएल टीम इलाहाबाद रवाना हो गयी है। बृजलाल के अनुसार घर से मंदिर जाते समय जिस सकरी गली से मंत्री गुजर रहे थे, उसमें किनारे की तरफ एक मोटर साइकिल, दो मोपेड व एक स्कूटी खड़ी थी। अब तक की जांच से पता चला कि एक मोपेड में विस्फोटक रखा गया था, क्योंकि विस्फोट होने पर वह हवा में उछल गयी थी। अन्य गाड़ियों में भी आग लग गयी। उन्होंने कहा है कि विस्फोटक किस तरह का था और उसको गाड़ी में कहां पर रखा गया था। यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। विस्फोट किसने और क्यों किया के सवाल पर बृजलाल ने कहा अभी यह नहीं पता चला है कि घटना के पीछे किसका हाथ है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस घटना के पीछे किसी से दुश्मनी होने की जानकारी भी उन्हें नहीं है। विस्तृत जांच के बाद ही वह बता सकेंगे कि इस घटना के पीछे कौन है और क्यों ऐसा किया गया। बृजलाल ने नंदी पर गोली चलाये जाने को गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि नंदी अब खतरे से बाहर हैं।
मंत्री के कुछ समय पूर्व अपनी सुरक्षा श्रेणी में इजाफा किये जाने को लेकर पत्रकारों के सवाल पर गृह सचिव दीपक कुमार ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई आग्रह नहीं किया गया था। गृह सचिव के अनुसार कैबिनेट मंत्री की सुरक्षा पूरी थी और किसी भी मंत्री की सुरक्षा में कोई इजाफा करने का निर्णय नहीं लिया गया है।