Today is पेहला पन्ना | घरपृष्ठ निर्धारित करना | पसंदीदा मे जमा कर
वेबसाईट खोजे   प्रगतिशील खोज »
संपादक
Harish Lamba
(Editor and Chief)

ख़बरों में है दम, सबसे आगे हम
पुराख़बर
Mo Tu We Th Fr Sa Su
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829

न्यूज़पत्र
न्यूज़पत्र सबस्क्राईब करें:

Poll: आपके विचार
आप हमारी वेबसाइट के बारे में क्या सोचते हैं
यह वेबसाइट बड़िया है
कुछ ख़ास नही
थोड़े और काम की ज़रूरत है
बिल्कुल बड़िया नही
Poll परिणाम | पुरानी polls


email दोस्त को ई-मेल करें | print विवरण छापें |

दिग्विजय: गडकरी के क्या लगते हैं जेठमलानी

on जुलाई 13,2010

image
संसद पर हमले के मामले में दोषी अफजल गुरु को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की कांग्रेस पर टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव तथा उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया की। उन्होंने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि राम जेठमलानी आखिरकार नितिन गडकरी के क्या लगते हैं जो उन्हें राज्यसभा का सदस्य बना दिया गया।

सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा जेठमलानी पहले वरिष्ठ अधिवक्ता हैं जिन्होंने अफजल गुरु को फांसी दिये जाने का विरोध किया है और भाजपा ने उन्हें राज्यसभा में पहुंचाकर दम लिया है। जेठमलानी को राजस्थान से राज्यसभा का उम्मीदवार नितिन गडकरी के हस्ताक्षर से बनाया गया। गडकरी को बताना चाहिए कि जेठमलानी उनके क्या लगते हैं जो इतनी मेहरबानी की गयी।

ज्ञातव्य हो कि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पिछले कहा था अफजल गुरु क्या कांग्रेस का दामाद लगता है जो आज तक उसे फांसी पर नहीं लटकाया गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसी टिप्पणी करके गडकरी ने अपनी क्षुद्र मानसिकता का परिचय दिया है। वे कितने बड़े राजनीतिक हैं और उनकी सोच कितनी घटिया है यह उनकी टिप्पणी से स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि गडकरी की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि तो है नहीं। कभी कोई चुनाव भी नहीं लड़ा है उन्होंने। उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष इसलिए बनाया गया क्योंकि वह सरसंघ चालक मोहन भागवत के पड़ोस में रहते हैं। ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है। कांग्रेस तो उनके बयान पर टिप्पणी भी नहीं करना चाहती थी किन्तु जब बात आ ही गयी है तो वे भी गडकरी से जानना चाहते हैं कि अफजल गुरु की पैरोकारी करने वाले रामजेठमलानी भाजपा के क्या लगते हैं जो उन्हें राज्य सभा का सदस्य बन गया।

अजित सिंह के कांग्रेस में आने के बारे में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अभी इसपर कोई फैसला नहीं हुआ है। जहां तक बातचीत का सवाल है वह तो अजित सिंह से होती ही रहती है। मंत्रिमंडल के विस्तार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तो प्रधानमंत्री ही बता सकते हैं कि कब विस्तार होगा।



99 बार पड़ी गई

Breaking News
ख़ास ख़बर
hit counters