चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में फंसे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा प्रकरण की जांच अब सीबीआई करेगी। कोड़ा पिछले करीब आठ माह से जेल में हैं। मामले की जांच अभी आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय में चल रही है। आयकर विभाग ने जांच पूरी कर ली है, प्रवर्तन निदेशालय की जांच जारी है। जबकि, निगरानी विभाग ने जांच करने के बाद अदालत को चार्जशीट सौंप दी है।
इस बीच निगरानी ब्यूरो, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की जांच के क्रम में उजागर आपराधिक पहलुओं को देख सीबीआई ने स्वत: संज्ञान लेते हुए खुद जांच करने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना सीबीआई ने राजभवन को भेज दी है। सीबीआई निदेशक ने एक अर्द्धसरकारी पत्र के माध्यम से राजभवन को इसकी जानकारी देते हुए जांच को गति देने की बात कही है।
हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अधिकारी नहीं कर रहे, परंतु माना जा रहा है कि राजभवन के निर्णय के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। सीबीआई जांच की औपचारिक शुरूआत नए सिरे से की जाएगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस के स्टेबलिशमेंट एक्ट की धारा छह के तहत इस मामले में सीबीआई नया मुकदमा दर्ज कर सकती है या फिर निगरानी विभाग में दर्ज पूर्व के मामले को ही टेकओवर कर सकती है। सीबीआई क्या और कैसे जांच करेगी? यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पत्र पर राज्यपाल का क्या रुख रहता है?
आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के विरुद्ध अब तक हुई जांच में उजागर आपराधिक पहलुओं को देखते हुए झारखंड सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए और सीबीआई को प्रक्रियात्मक सहयोग करे।