जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सोमवार को घाटी के मौजूदा हालात पर चर्चा की जाएगी। मुख्य विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी [पीडीपी] और पैंथर्स पार्टी का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में भाग नहीं लेगा। राज्य सरकार ने बीते कुछ दिनों से घाटी के चिंताजनक हालात को देखते हुए सोमवार दोपहर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। पीडीपी ने पहले ही इसमें शामिल न होने का ऐलान किया था और अभी भी वह अपने इसी फैसले पर कायम है। उसने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अपील भी ठुकरा दी थी।
उमर की नेशनल कांफ्रेंस, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, सीपीएम और डेमोक्रेटिक नेशनल पार्टी इस बैठक में शामिल होगी। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शरीक रहेगे।
उधर, घाटी से दैनिक अखबारों का प्रकाशन आरंभ हो गया है। पूरी घाटी में प्रशासन की ओर से सख्ती की गई है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। गौरतलब है कि बीते बुधवार को श्रीनगर में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद पूरी घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था।