रांची से चालीस किलोमीटर दूर तमाड़ थाना क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच पैठ जमाने के लिए पुलिस और नक्सलियों के बीच जंग जारी है। इलाके में पिछले दिनों नक्सलियों के खिलाफ हुई ग्रामीणों की सभा के बाद माओवादियों ने जहां शनिवार को एक ग्रामीण साधु मुंडा की हत्या कर इलाके में खौफ का वातावरण कायम कर दिया था। वहीं सोमवार को पुलिस ने मुठभेड़ में नक्सली एतवा मुंडा को ढेर कर माओवादियों के मनोबल पर प्रहार किया। इस प्रकार से ग्रामीणों के बीच पुलिस का विश्वास फिर से मजबूत हुआ है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार सोमवार को बुंडू व तमाड़ इलाके में निकले थे। उन्हें गुप्त सूचना मिली कि खूंखार उग्रवादी चांद का दस्ता तमाड़ के दाउजबला पहाड़ के आसपास घूम रहा है। तमाड़ के थानेदार मुहम्मद सिद्दीकी अपने कुछ सहयोगियों के साथ दाउजबला पहाड़ की ओर कूच कर गए। उनके साथ बघई और डूंगरडीह पिकेट में तैनात सुरक्षा बलों के जवान भी थे। पुलिस पैदल ही निकली। गश्त के दौरान ही अचानक पहाड़ के ऊपर से पुलिस पर फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस की एक टीम पीछे थी, जिसने पहाड़ के पीछे से चढ़कर नक्सलियों पर फायरिंग शुरू की। फायरिंग में एक गोली उग्रवादी एतवा मुंडा के हाथ में लगी, वह नीचे गिर पड़ा। कुछ और गोलियां लगने के बाद एतवा मुंडा मारा गया। वहां पर सात-आठ नक्सली मौजूद थे, जो कि मौका पाकर फरार हो गए। दोनों ओर से करीब दो सौ चक्र गोलियां चलीं।
पलामू सांसद को दिल का दौरा
गढ़वा : कारागार में बंद पूर्व नक्सली कमांडर व पलामू सांसद कामेश्वर बैठा को सीने में दर्द के बाद बेहोशी की हालत में सोमवार को सदर अस्पताल, गढ़वा में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजेंद्र मेडिकल इंस्टीट्यूट, रांची रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार बैठा रविवार की रात खाना खाने के बाद अपने बैरक में सोने चले गए थे। कुछ देर बाद उनके साथ रह रहा एक कैदी जब बैरक में पहुंचा, तो उसने सांसद को बेहोश पाया। आनन-फानन में कारागार के चिकित्सक को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद कारागार में ही उनका प्राथमिक उपचार किया गया। उनकी दशा बिगड़ती देख सोमवार की शाम करीब छह बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनकी चिकित्सकीय जांच के बाद हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि सांसद को दिल का दौरा पड़ा है, उन्हें बेहतर इलाज की आवश्यकता है। इसके बाद उन्हें रांची रेफर कर दिया गया।