। पेट्रोल व डीजल के दामों में हो रही बढ़ोतरी तेल कंपनियों के ब्रांडेड उत्पादों पर भारी पड़ रही है। दाम बढ़ने की वजह से ब्रांडेड पेट्रोल की मांग में तेजी से कमी आ रही है। इससे तेल कंपनियों की इन उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की रणनीति को झटका लगा है और उन्हें इस पर पुनर्विचार के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तेल कंपनियों के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक वर्ष के दौरान जैसे-जैसे सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं, वैसे-वैसे ग्राहकों ने ब्रांडेड पेट्रोल-डीजल से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जनवरी, 2009 में देश के कुल पेट्रोल व डीजल की बिक्री में ब्रांडेड ईंधन की हिस्सेदारी 15-16 फीसदी थी। यह आज की तारीख में घटकर सिर्फ छह फीसदी के करीब रह गई है। इस दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में दो बार वृद्धि हुई है। देश में सबसे ज्यादा ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल दिल्ली में बेचा जाता था। लेकिन पिछले एक साल में यहां कुल बिक्री में ब्रांडेड पेट्रोल-डीजल की हिस्सेदारी 24 से घटकर केवल 16 फीसदी रह गई है।
भारत पेट्रोलियम [बीपीसीएल] के सीएमडी अशोक सिन्हा ने दैनिक जागरण को बताया कि ब्रांडेड पेट्रोल व डीजल को लेकर हमें अपनी रणनीति बदलनी होगी। सरकार की तरफ से ब्रांडेड उत्पादों पर कर बढ़ाने और सामान्य पेट्रोल व डीजल की कीमत में बहुत ज्यादा वृद्धि होने से अब इनकी बिक्री काफी घट गई है। पेट्रोल और डीजल की नई व्यवस्था को लेकर स्थिति साफ होने के बाद कंपनी ब्रांडेड उत्पादों को लेकर नई रणनीति बनाएगी।
इंडियन ऑयल [आईओसी] के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जनवरी, 2009 में दिल्ली में सामान्य पेट्रोल 40.62 रुपये था, जबकि ब्रांडेड पेट्रोल की कीमत 44 रुपये प्रति लीटर के करीब थी। आज यहां सामान्य पेट्रोल की कीमत 51.43 रुपये और ब्रांडेड पेट्रोल 53.68 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। शायद यही वजह है कि ग्राहक अब ब्रांडेड उत्पादों की जगह सामान्य पेट्रोल डीजल की तरफ शिफ्ट हो गया है। आगे यह रफ्तार और तेज हो सकती है। पिछले वर्ष तक आईओसी के 25 फीसदी ग्राहक ब्रांडेड पेट्रोल इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे ग्राहकों का अनुपात अब घटकर 15 फीसदी रह गया है।
दरअसल ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल की बिक्री बढ़ाने में बड़ी हिस्सेदारी ऑटो कंपनियों की भी रही है। सभी कार कंपनियां अपने ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल के ब्रांडेड उत्पाद अपनाने की सलाह देती आई हैं। लेकिन तेल कंपनियों के मुताबिक इनके दाम एक सीमा से ऊपर जाने के बाद अब वे ग्राहक भी सामान्य पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे हैं, जो दो साल पहले तक ब्रांडेड उत्पाद खरीद रहे थे। बाजार में आईओसी का ब्रांडेड पेट्रोल एक्स्ट्रा प्रीमियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का का पावर और बीपीसीएल का स्पीड के नाम से बिकता है।