Today is पेहला पन्ना | घरपृष्ठ निर्धारित करना | पसंदीदा मे जमा कर
वेबसाईट खोजे   प्रगतिशील खोज »
संपादक
Harish Lamba
(Editor and Chief)

ख़बरों में है दम, सबसे आगे हम
पुराख़बर
Mo Tu We Th Fr Sa Su
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829

न्यूज़पत्र
न्यूज़पत्र सबस्क्राईब करें:

Poll: आपके विचार
आप हमारी वेबसाइट के बारे में क्या सोचते हैं
यह वेबसाइट बड़िया है
कुछ ख़ास नही
थोड़े और काम की ज़रूरत है
बिल्कुल बड़िया नही
Poll परिणाम | पुरानी polls


email दोस्त को ई-मेल करें | print विवरण छापें |

घट गई महंगाई सरकारी आंकड़ों में

on जुलाई 02,2010

image
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के बाद अब सरकार ने बढ़ती महंगाई को छुपाने की कवायद शुरू कर दी है। बाजार में भले ही खाने-पीने से लेकर सभी तरह की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकारी आंकड़ों में महंगाई अचानक कम हो गई है।

हालांकि अगले ही सप्ताह सरकार को महंगाई की चुनौती का फिर सामना करना होगा जब पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों का असर महंगाई की दर पर दिखेगा।

थोक मूल्यों पर आधारित महंगाई की सामान्य दर में करीब दो प्रतिशत और खाद्य उत्पादों की महंगाई की दर में करीब चार प्रतिशत की कमी सरकार बता रही है। सरकार ने यह करिश्मा सिर्फ एक हफ्ते में कर दिखाया है। पिछले हफ्ते ही प्राथमिक वस्तुओं पर आधारित सामान्य महंगाई की दर 17.60 प्रतिशत पर थी।

मगर गुरुवार को घोषित आंकड़ों में यह घटकर सीधे 14.75 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह खाद्य उत्पादों की महंगाई दर 16.90 प्रतिशत थी जो घटकर 12.92 प्रतिशत पर आ गई है।

सरकारी आंकड़ों की बाजीगरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खाद्य उत्पादों का सूचकांक इस हफ्ते 0.3 प्रतिशत बढ़ा है। मगर महंगाई की दर चार प्रतिशत नीचे आ गई है। वैसे सरकार की तरफ से इसका तर्क पिछले साल के इसी हफ्ते में महंगाई की दर का काफी कम होना दिया जा रहा है। मगर एक हफ्ते में थोक कीमतों में इतना ज्यादा अंतर आने का सरकार कोई तार्किक जवाब नहीं दे पा रही है।

वैसे पिछले हफ्ते के मुकाबले इस सप्ताह फल और सब्जियों के दामों में दो प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि मक्का और उड़द के दाम एक प्रतिशत बढ़े हैं।

दरअसल, पिछले महीने की 25 जून को पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि को लेकर सरकार काफी दबाव में है। इससे महंगाई में तेज वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है।

खुद वित्त मंत्री के आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि से महंगाई की दर में एक प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया था। लिहाजा अब सरकार के सामने आंकड़ों की बाजीगरी के जरिए महंगाई की दर को नीचे रखने के सिवा शायद कोई चारा नहीं बचा है।

हालांकि महंगाई की दर में हुई इस कमी से भी सरकार को बहुत ज्यादा राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि आने वाले सप्ताहों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि का असर महंगाई की दर पर भी दिखने लगेगा।



111 बार पड़ी गई

Breaking News
ख़ास ख़बर
hit counters