सांसद अमर सिंह ने कहा कि जिस तरह नंद वंश का नाश करने के लिए चाणक्य ने सदैव अपनी चोटी खोले रखने की प्रतिज्ञा की थी, उसी तरह जब तक मैं समाजवादी पार्टी का नाश नहीं कर लेता तब तक चैन से नहीं बैठूंगा। सिंह ब्लाक मुख्यालय से तीन किमी दूर मलप हरसेनपुर में अपने सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने विधान परिषद चुनाव में टिकट बंटवारे की चर्चा करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव से पहला मतभेद इसी समय शुरू हुआ। मैं रविशंकर सिंह पप्पू को टिकट देने का पक्षधर था, किन्तु मुलायम सिंह ने चन्द्रशेखर जी के परिवार में विघटन की साजिश के तहत उन्हें टिकट से वंचित कर दिया। दु:ख का विषय तो यह है कि सांसद नीरज शेखर कहीं आसपास दिखायी नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। कहा परिवारवाद के खिलाफ जब उन्होंने आवाज बुलंद की तो अपशब्दों का प्रयोग किया गया। राजपूत, मुसलमान व अति पिछड़े लोग एक साथ हो जायें तो राजनीति की दशा व दिशा दोनों बदल जायेगी।
अमर सिंह ने पूर्वाचल राज्य के गठन की वकालत की और कहा कि इसके बगैर पूर्वाचल का चहुंमुखी विकास नहीं हो सकता। पूर्वाचल गठन तक वह संघर्षरत रहेंगे। सभा को विधायक सर्वेश सिंह सिप्पू ने भी सम्बोधित किया।