ग्लोबल वार्मिग को कम करने और ईधन की बचत में अपने योगदान के तहत कुछ सांसदों ने साइकिल पर संसद भवन आने की लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से अनुमति मांगी है जिस पर वह गंभीरता से विचार कर रही हैं। संसद पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा कारणों से सांसदों के साइकिल से संसद भवन आने पर रोक लगा दी गई थी।
पिछले दिनों मीरा कुमार की अध्यक्षता में हुई संसद की जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण फोरम की एक महत्वपूर्ण बैठक में उड़ीसा के कटक से बीजू जनता दल के सांसद भृतुहरि मेहताब ने जलवायु परिवर्तन पर अपनी चिंताओं का जिक्र करते हुए साइकिल से संसद भवन आने की अनुमति मांगी थी।
मेहताब ने संसद भवन परिसर में स्कूटर और कार पार्किंग की तर्ज पर साइकिल स्टैंड बनाए जाने का भी सुझाव दिया है।
अध्यक्ष की मीडिया सलाहकार राखी बख्शी ने भाषा को बताया कि मीरा कुमार ने संसद की जलवायु परिवर्तन संबंधी फोरम की बैठक में सांसदों के कारों के बजाय साइकिलों का इस्तेमाल करने की योजना की सराहना की है और इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन भी दिया है।
हालांकि अध्यक्ष ने संसद के सुरक्षा तंत्र को सांसदों द्वारा साइकिलों के इस्तेमाल की इस योजना की सभी पहलुओं से पड़ताल करने को भी कहा है।
सांसदों की सुरक्षा के मद्देनजर यह नई योजना कितनी व्यावहारिक साबित होगी , इस संबंध में सवाल किए जाने पर संसद भवन की सुरक्षा से जुड़े उच्च सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में प्रायोगिक आधार पर मंजूरी दी जा सकती है।
एक उच्च सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सांसदों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इन्हीं सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शुरुआत में कुछ एक इच्छुक सांसदों को ही साइकिल से संसद भवन आने की अनुमति प्रदान की जा सकती है। लेकिन मंजूरी देने से पहले कार या वाहनों की रेडियो फ्रीक्वेंसी वाली लेबलिंग की तरह साइकिल की लेबलिंग करने जैसी बातों को भी ध्यान में रखना होगा।
कांग्रेस के संदीप दीक्षित ने इसी बैठक में साइकिल को लेकर अपना अनुभव सुनाया कि किस प्रकार संसद के पिछले सत्र में उन्हें अपनी साइकिल संसद भवन लाने से रोक दिया गया क्योंकि उस पर अनिवार्य टैग और लेबल नहीं लगा था। इसी के चलते उन्हें अपनी साइकिल संसद भवन के समीप स्थित परिवहन मंत्रालय के भवन की पार्किग में खड़ी करनी पड़ी थी।
यह पूछे जाने पर कि उनके दिमाग में इस प्रकार का विचार कैसे आया , मेहताब ने कहा कि बैठक में मेरा सुझाव था कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण पर केवल दूसरों को सीख देने से बेहतर है कि पहले हम खुद कुछ ऐसा करें। यदि कुछ सांसद साइकिल से संसद भवन आते हैं तो निश्चित रूप से इसका जनता में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब अटल बिहारी वाजपेई जैसे नेता भी साइकिल से संसद आते थे। संसद पर आतंकी हमले से पहले तक कई सांसद साइकिल की सवारी करते रहे हैं।
मेहताब लुटियंस दिल्ली के शाहजहां रोड स्थित अपने बंगले में साइकिल रखते हैं और अक्सर उसका इस्तेमाल भी करते हैं। उन्होंने बताया कि जब भी कोई पत्रिका या छोटा मोटा सामान लाने के लिए खान मार्किट जाना होता है तो मैं अपनी साइकिल का ही इस्तेमाल करता हूं।
उन्होंने कहा कि अक्सर छोटे-मोटे काम के लिए संसद भवन से बाहर आना-जाना पड़ता है। ऐसे में बार-बार कार निकालने में परेशानी भी होती है और अनावश्यक ईधन भी बर्बाद होता है।
अध्यक्ष मीरा कुमार खुद भी जलवायु परिवर्तन को लेकर बेहद चिंतित हैं और इसी संबंध में उन्होंने पिछले दिनों नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला से बैठक कर संसद भवन को सौर ऊर्जा से रोशन किए जाने की संभावनाओं को तलाशा था। इस बैठक में फारूक अब्दुल्ला ने संसद भवन में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर एक प्रस्तुति भी मीरा कुमार के समक्ष रखी थी।
मीरा कुमार की अध्यक्षता में गठित संसद के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण फोरम के उपाध्यक्ष, राज्यसभा के उप सभापति के रहमान खान, लोकसभा के उपाध्यक्ष करिया मुंडा, पयार्वरण और वन मंत्री जयराम रमेश समेत कुल 32 सदस्य हैं।