सरकार ने गुरुवार को कहा कि चीन के तिब्बत क्षेत्र के साथ अन्य नदियों को जोड़ने की बड़ी योजनाओं पर काम करने संबंधी मीडिया रिपोर्टो को चीनी पक्ष के सामने उठाया गया है जिसने इन खबरों को निराधार बताया है। विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने भाजपा के प्रकाश जावडेकर और प्रभात झा के प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि सरकार चीन द्वारा तिब्बत क्षेत्र के साथ अन्य नदियों को जोड़ने और उसके परिणामस्वरूप उस स्थान से आने वाला पानी भारत में नहीं पहुंच पाने के कारण अनेक नदियों के सूख जाने की आशंका वाली खबरों से अवगत है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन खबरों को चीनी पक्ष के सामने रखा था लेकिन उसने इन रिपोर्टो को तथ्यहीन करार दिया है। विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार सीमा पार नदियों से संबंधित सभी संगत मुद्दों को चीनी पक्ष के साथ साल 2006 में स्थापित विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र के माध्यम से उठाती है।
कृष्णा ने ईएम सुदर्शन द्वारा पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सरकार को चीन द्वारा दक्षिण एशिया के देशों में बंदरगाहों समेत आधारभूत क्षेत्र की परियोजनाओं में हिस्सा लिए जाने की जानकारी है और वह देश की सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है।
विदेश मंत्री ने श्रीलंका द्वारा पाकिस्तान और चीन से मदद नहीं लेने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद इससे मुकरते हुए काम करने के बारे में अन्नाद्रमुक के के मलयसामी द्वारा पूछे गए एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि भारत के श्रीलंका से संबंध उसके अपने रिश्तों पर निर्भर नहीं हैं।
कृष्णा से पूछा गया था कि श्रीलंका ने भारत को पाकिस्तान और चीन से मदद नहीं लेने का आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद चीन इस वक्त श्रीलंका के हंबनटोटा में एक बड़ी बंदरगाह परियोजना तथा कोलंबो के पास ऊर्जा केंद्र का निर्माण कर रहा है।