पाकिस्तान क्रिकेट जगत ने छह मौजूदा खिलाड़ियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के अंतर्गत दी गई कड़ी सजा पर पूर्व क्रिकेटरों ने हैरत, गुस्सा और संतुष्टि भरी मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। इंजमाम उल हक और राशिद लतीफ जैसे पूर्व खिलाड़ियों को लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड [पीसीबी] के इस कदम से पाकिस्तान क्रिकेट को करारा झटका लगेगा। वहीं जहीर अब्बास और अब्दुल कादिर जैसे क्रिकेटरों ने इस फैसले का समर्थन किया है। बोर्ड ने आस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के लिए मोहम्मद यूसुफ और यूनुस खान जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर देश की तरफ से खेलने के लिए आजीवन प्रतिबंध लगाया है जबकि शोएब मलिक और राणा नावेद उल हसन पर एक साल का प्रतिबंध लगा है। कामरान और उमर अकमल दोनों भाईयों और शाहिद अफरीदी पर नजर रखी जाएगी और इन पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
इंजमाम ने गुस्से में कहा, 'आप यूसुफ और यूनुस जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हो। आप उन पर आजीवन प्रतिबंध कैसे लगा सकते हो। अगर वे कुछ गलत कर रहे हैं तो बोर्ड को उनसे बात करके पहले उन्हें चेतावनी देनी चाहिए। आप एकदम से इस तरह का कड़ा फैसला नहीं ले सकते।' वह इस बात से काफी नाखुश थे कि टीम प्रबंधन ने दौरे के दौरान चुप्पी साधे रखी और अब खिलाड़ियों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा, 'कामरान और उमर को आस्ट्रेलिया से वापस क्यों नहीं भेज दिया। टीम प्रबंधन ने आस्ट्रेलिया में अफरीदी को सजा क्यों नहीं दी। अचानक ही इस तरह का कड़ा फैसला लेने से पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को काफी नुकसान होगा।'
इंजमाम ने जांच समिति के गठन की भी आलोचना की और कहा कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष समिति नहीं है। उन्होंने कहा, 'आप यावर सईद और जाकिर खान को समिति में कैसे डाल सकते हो। यावर हाल में टीम में मैनेजर थे।' राशिद लतीफ ने इस समय किए गए इस फैसले पर सवाल उठाया और उन्हें लगता है कि बोर्ड ने खुद को बचाने के लिए यह सब किया है। उन्होंने खिलाड़ियों को इस सजा को चुनौती देने के लिए कानून का दरवाजा खटखटाने का सुझाव दिया और साथ ही भरोसा जताया कि कानून का फैसला खिलाड़ियों के पक्ष में ही होगा।
लतीफ ने कहा, 'मुझे लगता है कि लंबे समय से यूनुस के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। उसकी क्या गलती थी, लेकिन इसके बावजूद उस पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया। पाकिस्तान क्रिकेट में चीजों को सुधारने का यह तरीका नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अगर आस्ट्रेलिया में चीजें इतनी गलत हो रही हैं तो टीम प्रबंधन क्या कर रहा है। मुझे ऐसा लग रहा है कि बोर्ड ने हाल में खराब प्रदर्शन और विवादों के बाद खुद को बचाने के लिए यह फैसला लिया है।' हालांकि पूर्व कप्तान जहीर अब्बास, अब्दुर कादिर और सरफराज नवाब का इस मुद्दे पर एक अलग ही दृष्टिकोण था।
अब्बास ने कहा, 'निश्चित रूप से यह काफी निराशाजनक और दुखद है कि सीनियर खिलाड़ी जैसे यूसुफ और यूनुस पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन बोर्ड का यह कदम पाकिस्तान टीम की संस्कृति और प्रदर्शन में सुधार करने में मदद करेगा।' उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों को महसूस होना चाहिए कि वे आज जो कुछ भी हैं, अपने देश और टीम की वजह से हैं। लंबे समय से खिलाड़ियों के दबदबे वाली संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है और अब इस दबदबे को खत्म करने का सही समय है।'
बोर्ड के साथ मतभेदों के कारण पिछले साल मुख्य चयनकर्ता के पद से इस्तीफा देने वाले कादिर ने कहा, 'बोर्ड द्वारा लिया गया फैसला साहसिक है और मेरे विचार से बोर्ड अपना मन नहीं बदलेगा।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में फैसले विशेषकर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई लंबे समय तक बरकरार नहीं रह पाती। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार बोर्ड खिलाड़ियों को सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ यह सजा जरूरी थी, जिससे टीम के युवाओं के समक्ष सही उदाहरण पेश किया गया है।'
नए मुख्य चयनकर्ता मोहसिन खान और राष्ट्रीय कोच वकार यूनुस पीसीबी के इस फैसले से स्तब्ध थे, जिसमें उन्होंने जांच समिति की सभी सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लिया है। वकार ने कहा, 'यह घोषणा मेरे लिए हैरानी भरी थी। और मैं इस बारे में प्रतिक्रिया देने से पहले विस्तृत जानकारी का इंतजार करूंगा।' मोहसिन मानते हैं कि यूसुफ और यूनुस पर प्रतिबंध से टीम आहत होगी। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने अनुभवी खिलाड़ियों की जगह किसी को लाना आसान काम नहीं है। लेकिन बोर्ड ने फैसला ले लिया है और हमें इसका पालन करना होगा और अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश करनी होगी। निश्चित रूप से इससे टीम कमजोर होगी और उसे [टीम को] लय हासिल करने में समय लगेगा।'
आलराउंडर राणा नावेद उल हसन ने कहा कि उसे बोर्ड से सजा के प्रति कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, 'पहले मुझे विस्तृत जानकारी मिल जाए, बोर्ड ने अपना काम कर लिया और अब मैं वही करूंगा जो जरूरी और सही होगा। लेकिन एक चीज साफ है कि मैंने पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।' वहीं शोएब मलिक के भाई इमरान ने कहा कि वे कानूनी मदद लेने का फैसला करने से पहले इंतजार करेंगे। इमरान ने कहा, 'हम पहले देखेंगे कि बोर्ड ने किस आधार पर शोएब पर प्रतिबंध लगाया। हम कानूनी कार्रवाई से पहले इंतजार करेंगे। जब सभी अन्य टीमें टी 20 विश्व कप की तैयारी में जुटी हैं, हम अपनी ऊर्जा इन सब चीजों में नष्ट कर रहे हैं।'