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अनुपस्थित रहे सांसद संवादहीनता के चलते

on मार्च 10,2010

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तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सफाई दी कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण विधेयक के लिए प्रतिबद्ध है और मंगलवार को राज्यसभा में इस पर हुए मतदान में संवादहीनता के चलते पार्टी के सदस्य अनुपस्थित रहे।

ममता ने यहां संसद भवन में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि राज्यसभा में हमारे दो सदस्य हैं। हमें सूचना नहीं दी गई कुछ संवादहीनता थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई सरकार के सहयोगी दलों की बैठक में निर्णय किया गया था कि विधेयक के बारे में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें पार्टी इस विधेयक में अल्पसंख्यकों के लिए कोटा निर्धारित किए जाने का मुद्दा उठाती।

रेल मंत्री ने कहा कि लेकिन कोई सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई गई। हमें कोई सूचना नहीं मिली। इस बात को लेकर ममता मंगलवार को काफी गुस्से में थीं और राज्यसभा में उन्होंने अपनी पार्टी के दोनों सदस्यों से महिला आरक्षण विधेयक के लिए हुए मतदान में हिस्सा नहीं लेने को कहा था। मत विभाजन में अनुपस्थित रहने के अपने पार्टी के सदस्यों के कदम को जायज ठहराने के साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी विधेयक के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के मतदान में अनुपस्थित रहने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कल कहा था कि मंत्रिमंडल की बैठक में जब इस विधेयक पर चर्चा हुई तो उसे लेकर रेल मंत्री काफी उत्साहित थीं।

यह पूछे जाने पर कि राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने का श्रेय वामपंथी दल रहे हैं, ममता ने कहा कि वामपंथी कभी भी राज्यसभा में महिलाओं के लिए कोटा नहीं चाहते थे क्योंकि वे नहीं चाहते कि आम महिलाएं उच्च सदन में आएं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को कहा था कि उनकी पार्टी प्रमुख चाहती हैं कि विधेयक में दलितों, अन्य पिछड़े वर्गो और मुसलमानों के मामलों को भी शामिल किया जाए, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ।



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