रूइया की अगुवाई वाला एस्सार समूह अपने ऊर्जा उपक्रम के शेयरों की बिक्री तथा लंदन स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्धता के जरिए तीन अरब डालर की राशि जुटाने की योजना बना रहा है। यह किसी भारतीय कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है। शशि और रवि रूइया की अगुवाई वाला एस्सार समूह अपनी पेट्रोलियम और बिजली कंपनियों के 20 से 25 फीसदी शेयर बेचने की योजना बना रहा है। इसके जरिए समूह का 2.5 अरब से तीन अरब डालर [लगभग 14,000 करोड़ रुपये] जुटाने का इरादा है। इस राशि का इस्तेमाल समूह की निवेश योजना में किया जाएगा। समूह ने अगले 3-4 साल में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित आईपीओ से एस्सार के ऊर्जा कारोबार को लगभग 56000 करोड़ रुपये मिल सकेगा। इस बारे में संपर्क किए जाने पर एस्सार समूह के प्रवक्ता ने कहा कि एस्सार समूह धन जुटाने के लिए विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहा है लेकिन अभी इस बारे में फैसला नहीं हुआ है कि यह राशि कैसे जुटाई जाएगी।
शेयरों की बिक्री संभवत: किसी भारतीय कंपनी की सबसे बड़ी सार्वजनिक पेशकश होगी। यह अनिल अंबानी समूह की रिलायंस पावर की 11800 करोड़ रुपये की पेशकश से भी आगे निकल जाएगी।
ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि धन जुटाने पर सलाह के लिए जेपी मार्गन और ड्यूश बैंक को नियुक्त किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि समूह धन जुटाने के मसले पर विभिन्न वित्तीय सलाहकारों के साथ काम करता है। 13.6 अरब डालर की परिसंपत्ति के साथ रूइया बंधु फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की सूची में पांचवें स्थान पर हैं।
अगले 3-4 साल के दौरान अपने ऊर्जा कारोबार के विस्तार के लिए समूह को 40,000 करोड़ रुपये की जरूरत है। सूत्रों ने कहा कि दूसरे चरण की क्षमता विस्तार के लिए अकेले बिजली क्षेत्र के लिए ही 20000 करोड़ रुपये की जरूरत है।