पाकिस्तान में विपक्ष के मौजूदा विरोध प्रदर्शनों से चिंतित अमेरिका के एक विशेष राजनयिक ने देश में अशांत स्थिति पर वहां के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी से बातचीत की है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड होलबु्रक ने कल जरदारी से फोन पर बातचीत की। बातचीत यह सुनिश्चित करने के लिए थी कि देश के अशांत हालात बेकाबू न हो जाए।
विदेश मंत्रालय के कार्यवाहक प्रवक्ता राबर्ट वुड ने बताया कि होलब्रुक ने युसूफ रजा गिलानी से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत एने डब्ल्यू पैटरसन ने बुधवार को विपक्ष के नेता नवाज शरीफ से लाहौर में बातचीत की थी। पाकिस्तान की सरकारी संवाद समिति एपीपी ने इस्लामाबाद से खबर दी है कि जरदारी ने टेलीकंाफ्रेंसिंग के माध्यम से पैटरसन और होलब्रुक से बातचीत की। जरदारी के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर के हवाले से कहा गया, 'लगभग आधे घंटे तक चली इस वार्ता में पाकिस्तान और अमेरिका के परस्पर हितों के कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।'
वुड ने कहा, 'अधिक विस्तार में जाने की बजाय, आप जान लें अमेरिकी राजदूत पैटरसन और विशेष राजदूत होलब्रुक इस मुद्दे पर पाकिस्तान की सरकार से बातचीत कर रहे हैं।'
राबर्ट वुड ने कहा कि पाकिस्तान स्थित हमारे दूतावास ने वहां के अन्य लोगों के साथ भी बातचीत की है। उन्होंने कहा, 'होलब्रुक और पैटरसन के अनुसार वहां के हालात से पाकिस्तान के कानून के अंतर्गत ही निपटा जाना चाहिए, हिंसा से बचा जाना चाहिए और शांति तथा लोकतांत्रिकगतिविधियों में कोई बाधा नहीं आने देनी चाहिए।' वुड ने कहा, 'हम किसी बेहतर समाधान के प्रति प्रयासरत हैं, लेकिन इन वार्ताओं का अर्थ यह है कि हम वहां के हालात के प्रति चिंतित हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चत करना चाहता है कि वहां हिंसा न हो और सभी राजनैतिक मतभेद पाकिस्तान के संविधान के दायरे में दूर कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हालात पर नजर रखे हुए है।
वुड ने कहा, 'इन हालात का समाधान पाकिस्तान के संविधान के दायरे में सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान सरकार के साथ साथ अन्य राजनैतिक पार्टियों के साथ हमारी बातचीत जारी रहेगी।'