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सुप्रीम कोर्ट: बच्चा लेकर अमेरिका जाओ

on नवंबर 17,2009

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बच्चा छिन जाने के भय से दो साल से छिपती घूम रही मां को मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट से बड़ी निराशा हाथ लगी। सुप्रीमकोर्ट ने मां की सारी दलीलें ठुकराते हुए 15 दिन के भीतर बच्चे के साथ वापस अमेरिका जाने का आदेश दिया है। सुप्रीमकोर्ट ने पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है।

अमेरिका से भागी मां विजयश्री यहां बच्चे को लेकर एक शहर से दूसरे शहर छिपती घूम रही थी। न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी, न्यायमूर्ति आरएम लोधा व न्यायमूर्ति बीएस चौहान की पीठ ने सात साल के आदित्य के पिता रविचंद्रन की याचिका पर सुनवाई कर यह फैसला सुनाया। पीठ ने पिता से कहा है कि बच्चा लेकर भारत भाग आई मां के खिलाफ अमेरिका की अदालत में कोई क्रिमिनल कार्यवाही नहीं करेगा। कोर्ट ने मां को 15 दिन के भीतर बच्चा लेकर अमरीका जाने और वहां की कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। अगर मां विजयश्री वूरा स्वयं आदित्य को लेकर अमरीका नहीं जाती है तो रविचंद्रन को अकेले बच्चा लेकर जाने की छूट होगी। सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि बच्चा अमेरिकी नागरिक है इसलिए उसकी कस्टडी सौंपने के मामले को वहीं की अदालत तय करेगी। शीर्ष अदालत के निर्णय में अलग-अलग देशों के माता-पिता के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर चली लड़ाई और फैसलों के कई मामले दर्ज किए गए हैं।

रविचंद्रन व विजयश्री की भारत में आंध्रप्रदेश में शादी हुई थी, बाद में दोनों अमेरिका जाकर बस गए। 2002 में आदित्य का जन्म हुआ। लेकिन इसी बीच पति-पत्नी के आपसी रिश्ते खराब हो गए और 2003 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अप्रैल 2005 में अमेरिका की अदालत ने दोनों को संयुक्त रूप से बच्चे की कस्टडी सौंपी, लेकिन जून 2007 में विजयश्री अदालत के आदेश का उल्लंघन कर बच्चा लेकर भारत भाग आई। रविचंद्रन ने अमरीकी अदालत में अर्जी देकर बच्चे की कस्टडी का पूरा अधिकार ले लिया।

वह आदित्य को ढूंढ़ता भारत आया और जब उसे आदित्य और विजयश्री नहीं मिले तो सुप्रीमकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर बच्चा ढूंढ़ने का अनुरोध किया। दो साल तक पांच राज्यों की पुलिस बच्चा ढूंढ़ती रही, लेकिन न उसे मां मिली और न बच्चा। अंत में कोर्ट ने यह काम सीबीआई को सौपा। सीबीआई ने दो महीने के भीतर मां-बेटे को ढूंढकर कोर्ट में पेश कर दिया। सुप्रीमकोर्ट ने इसके लिए सीबीआई की तारीफ भी की है।



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