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उमर अब्दुल्ला कार्यालय पहुंचे

on जुलाई 31,2009

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को अपने कार्यालय पहुंचे। एक दिन पहले राज्यपाल एनएन वोहरा ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया था। उमर ने वर्ष 2006 के बहुचर्चित सेक्स कांड में शामिल होने के पीडीपी के आरोप के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था।

उमर आज पठानी सूट में अपने कार्यालय पहुंचे। उनके आने की प्रतीक्षा में सुबह से ही कार्यालय के कर्मचारी कतारबद्ध थे। उमर ने कर्मचारियों से बातचीत की और कुछ फाइलों पर दस्तखत करके कामकाज शुरू किया।

उमर ने रोजमर्रा की तरह कैबिनेट के अपने सहयोगियों के साथ बैठक की और बाद में कैबिनेट की एक बैठक की अध्यक्षता की। उमर ने पत्रकारों से कहा कि न केवल अपना नाम साफ करने बल्कि जम्मू कश्मीर की राजनीति और राजनेताओं के लिए कुछ जिम्मेदारी तय करने के लिए मुझे एक कठिन निर्णय लेना पड़ा।

उमर ने इस बात पर जोर दिया कि विधानसभा में हुए घटनाक्रम को उन्होंने पीछे छोड़ दिया है क्योंकि मैं उनमें से नहीं हूं जो अतीत में जीते हैं। मैं भविष्य की ओर देखता हूं। मैंने बदले की मंशा से कभी आचरण या राजनीति नहीं की, इसलिए जो हो गया सो हो गया। उन्होंने कहा कि हमें आपस में लड़ने के बजाए राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। मैं राजनीति के उच्च मूल्यों, उजले चरित्र और नैतिक सिद्धांतों में विश्वास करता हूं और मेरी मान्यता है कि केवल ऐसा व्यक्ति जिसके चरित्र पर धब्बा न हो, उसे इस तरह के पद पर आसीन होने का अधिकार है जहां से वह पूर्ण समर्पण और गंभीरता से लोगों की सेवा कर सके। उन्होंने कहा कि वह इस धारणा में विश्वास करते हैं कि जो लोग दूसरों पर कीचड़ उछालते हैं, खुद जाहिर हो जाते हैं और राज्य ने हाल में देखा है कि मेरी धारणा न केवल सिद्ध हुई है बल्कि पहले से ज्यादा पुष्ट भी हुई है।

उमर अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आपस में लड़ने के बजाए जनसमस्याओं पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि हमें इस तरह लड़ने-झगड़ने के लिए नहीं चुना गया है।

राज्यपाल एनएन वोहरा ने बृहस्पतिवार को उमर का इस्तीफा यह कहते हुए नामंजूर कर दिया था कि विधानसभा में पीडीपी नेता मुजफ्फर हुसैन बेग ने उमर के खिलाफ जो आरोप लगाए, उनमें कोई सत्यता नहीं है। राज्यपाल ने उमर को यह सलाह भी दी थी कि वह जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरे दमखम से करें।



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