आठ माह पहले सत्ताच्युत हुए परवेज मुशर्रफ दोबारा पाकिस्तान का राष्ट्राध्यक्ष बनने की तमन्ना रखते हैं। एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर 'उपयोगी' राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें मौका मिलता है तो वे एक बार फिर पाकिस्तान का नेतृत्व करना चाहेंगे। हालांकि साक्षात्कार में मुखर हुए मुशर्रफ सार्वजनिक मंच पर सवालों से बचते दिखे। रविवार को एसोचैम के एक कार्यक्रम में उन्होंने भाषण के बाद दर्शकों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। मुशर्रफ ने कहा कि अगर मुझे कोई ऐसा प्रस्ताव देता है तो मैं देखूंगा कि मैं इसके लिए तैयार हूं या नहीं, फिर मैं प्रस्ताव स्वीकार कर लूंगा। मगर मैं बिना काम का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहूंगा।' पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष से पूछा गया था कि क्या वे दोबारा पाकिस्तान का नेतृत्व करना चाहेंगे।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में पिछले दिनों बढ़ते आतंकी हमलों और राजनीतिक खींचतान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की स्थिति कमजोर होती जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में एक बार फिर सेना हावी हो सकती है। ऐसे में कई राजनीतिक हलकों में मुशर्रफ को सत्ता में वापस लाने की भी बात चली थी।
निजी चैनल से बातचीत में मुशर्रफ ने कहा कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी वे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं परिवार के साथ समय बिताता हूं, गोल्फ खेलता हूं, अपने मित्रों से मिलता हूं और लिखता-पढ़ता हूं।'
सवालों से कतराए मुशर्रफ
इंडिया टुडे कानक्लेव में आतंकवाद पर सख्त सवालों से परेशान हुए मुशर्रफ ने रविवार को एसोचैम के कार्यक्रम में दर्शकों से बातचीत से ही इनकार कर दिया। हालांकि एसोचैम का कहना है कि तकनीकी कारणों से मुशर्रफ ने ऐसा किया।
एसोचैम द्वारा भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया था कि कार्यक्रम में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भाषण के बाद दर्शकों के सवालों के जवाब देंगे। मगर कार्यक्रम के दौरान भाषण के बाद जब सवाल-जवाब की बारी आई तो मुशर्रफ ने इनकार कर दिया।