राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि आत्मविश्वास व मनोबल के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। महिलाएं कमजोर नहीं हैं। सामाजिक माहौल व शिक्षा का अभाव उन्हें दुर्बल बनाता है। वह तो दूसरों को सबल बनाती हैं। राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को अपने निवास पर आयोजित समारोह में महिलाओं से अपील की कि वे विकास के लिए आगे आएं। सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी। सरकार ने 'महिला सशक्तिकरण मिशन' बनाने की योजना बनाई है। इससे नारी सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि जब तक महिला दूसरों पर निर्भर है, वह कुछ नहीं कर पाएगी। आत्मविश्वास के बल पर एक साधारण महिला कुछ भी कर सकती है। बस उन्हें बेहतर माहौल देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर महिलाएं पूरी आय परिवार के भरण-पोषण व विकास पर खर्च करती हैं। वहीं ज्यादातर पुरुष शायद ही पूरी कमाई घर लेकर पहुंचते हों। आजादी की लड़ाई के समय भी महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाएं दूसरों को दुख देने में दुर्बल हो सकती हैं, लेकिन दुख झेलने में नहीं। महिला के अंदर सुप्त शक्तियां हैं, जो अवसर मिलने पर चमत्कृत रूप में सामने आती हैं।