नई दिल्ली, बड़ा परिवार है और परिवार के सदस्य हैं पूरे 62। इस परिवार के सदस्यों में केवल दो इंसान हैं, जबकि साठ कुत्ते। कुत्ते भी विदेशी नस्लों के नहीं, बल्कि गली-मुहल्ले के साधारण कुत्ते हैं।
इन कुत्तों की देखभाल करती हैं नवीन शाहदरा की संगीता छाबड़ा, जिन्होंने न केवल इन कुत्तों को पाल रखा है बल्कि उनके भोजन के लिए रोजाना अपने किचन में दो सौ रोटियां भी तैयार करती हैं। संगीता के पति सेना में नौकरी करते थे, उनकी असामयिक मौत के बाद संगीता अपनी मां महेंद्र छाबड़ा के साथ नवीन शाहदरा में रहती हैं। संगीता का भाई डाक्टर है और बेटा इंजीनियर है। दोनों विदेश में नौकरी करते हैं।
उन्हीं की मदद से मां-बेटी 62 सदस्यों के इस परिवार को चला रही हैं। लगभग 17 साल पहले वे पहली बार सड़क पर लाचार तीन कुत्तों को अपने घर ले आई थीं। इसके बाद उन्हें जहां कोई बीमार या लाचार कुत्ता दिखता वे उसे अपने घर ले आतीं और और उसकी देखभाल करती हैं। संगीता के इस जज्बे को उसकी मां ने भी बल प्रदान किया। उनके घर की छत का ऊपरी हिस्सा अब पूरी तरह इन कुत्तों का है। इन कुत्तों को उन्होंने माही, सचिन, अक्षय, करिश्मा आदि नाम दे रखे हैं। इन कुत्तों का वे बेहद ध्यान रखती हैं उनके खानपान के बारे में उन्होंने बताया कि सुबह इनका नाश्ता दलिया से शुरू होता है। दोपहर के भोजन में रोटी, शाम को दूध और रात में ब्रेड दिया जाता है। कुत्ते भी उन्हें बेहद प्यार करते हैं। संगीता चाहती हैं कि दूसरे लोग भी उन्हीं की तरह जानवरों को अपनी संवेदना और प्यार दें।